संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती और संशोधित वेतनमान लागू करने के विरोध में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उतर आए हैं। विरोध में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में वीरवार को 2 घंटे ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। डॉक्टरों ने सुबह 9 से 11 बजे तक काम नहीं करने का निर्णय लिया है।
जिले में करीब 15-20 दिनों से विरोध कर रहे चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले 25 नवंबर को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया था लेकिन कुरुक्षेत्र में पीएम के आने पर डॉक्टरों की तैनाती करने की वजह से विरोध टाल दिया गया। अब नई तिथि तय की है।
इस बंद के कारण अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ओपीडी में बंद की इस अवधि में पर्ची भी नहीं कटेगी। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब दो हजार मरीजों की जांच होती है।
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन करनाल के प्रधान डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ही बंद रहेंगी, सीमित सेवाओं के साथ कामकाज होगा। आपातकालीन सुविधाएं जारी रहेंगी। 25 नवंबर से पहले सभी अधिकारियों ने इंतजार भी किया है। उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए बैठक होगी और डॉक्टरों की मांगें सुनी जाएंगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
जल्द मांगें नहीं मानी तो हड़ताल
स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि अगर 27 नवंबर के दो या तीन दिन बाद तक भी उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो 30 नवंबर को एक्शन कमेटी संग बैठक करेंगे। इसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी। तब सभी आपातकालीन सेवाएं भी बंद रहेंगी।
जब सरकार पहले आश्वासन दे चुकी है तो पीछे क्यों हट रही है। यह सभी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ वादा खिलाफी है। पहले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया था कि एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं होगी लेकिन अब सरकार ने भर्तियां निकाल दी हैं। -डॉ. संजय वर्मा, प्रधान, हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन