मांगे पूरी करने करने के नारे लगाते हुए चिकित्सक
करनाल। हरियाणा सरकार ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक की मांग पर तो सहमति जता दी है लेकिन सरकारी डॉक्टरों की एसीपी (एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन) बढ़ाने की दूसरी मांग पूरी नहीं हुई है। विरोध में डॉक्टरों ने दो दिन की हड़ताल का फैसला लिया है। 8 और 9 दिसंबर को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी। इन दो दिनों में न सिर्फ ओपीडी बंद रहेगी, बल्कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी इलाज नहीं दिया जाएगा। प्रसव से लेकर किसी भी तरह के ऑपरेशन तक नहीं किए जाएंगे।
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन करनाल डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने पर सहमति बन गई है लेकिन दूसरी अहम मांग एसीपी अपग्रेडेशन पर कोई समाधान नहीं निकल पाया। हरियाणा के डॉक्टरों को कॅरिअर में तीन एसीपी मिलती हैं। एसोसिएशन तीन एसीपी पर ही राजी है, लेकिन उनका कहना है कि मौजूदा ग्रेड पे बेहद कम है और इसे अपग्रेड किया जाना चाहिए। 10 साल पर मिलने वाला 7600 ग्रेड पे बढ़ाकर 8000 किया जाए। तीसरी एसीपी में 8700 के स्थान पर 9500 रुपये ग्रेड पे दिया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि डॉक्टरों पर मरीजों का भारी दबाव है लेकिन ग्रेड पे की तुलना अन्य कैडर से कम है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर स्वास्थ्य विभाग ने कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है। इसलिए यह हड़ताल की जा रही है। हड़ताल के बाद भी सरकार मांगें नहीं मानती तो आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से बढ़ाया जाएगा।
एक दिन में दो हजार लोगों की है ओपीडी
जिले के 24 पीएचसी और 8 सीएचसी सहित सभी सरकारी अस्पतालों में हड़ताल के कारण दो दिन तक प्रसव, ऑपरेशन, ट्रॉमा और सभी जरूरी सेवाएं बंद रहेंगी। हर दिन जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले करीब दो हजार लोगों को 48 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ेगा। ऐसे में जिले के बाकी सभी सरकारी अस्पतालों में भी ये सभी सुविधाएं बंद रहेंगी।