- पूर्व डीएम को फिर किया तैनात, कमेटी भी निरीक्षण करके मुख्यालय पहुंची
- हैफेड के तीन गोदामों में कट्टों में पैक गेहूं सुरसरी लगने से हुआ खराब
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हैफेड के गोदामों में पड़े गेहूं के खराब होने का मामला उठाने वाले डीएम का तबादला हो गया है। डीएम ऊधम सिंह को मुख्यालय में तैनात किया गया है। उनकी जगह पूर्व में डीएम रहे अमित कुमार को ही वापस बुला लिया गया है। जबकि मामले के अनुसार, गेहूं इन्हीं के कार्यकाल में ही खराब हुआ था। ऊधम सिंह को अप्रैल माह में ही यहां नियुक्ति दी गई थी।
इधर, मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी गोदामों का निरीक्षण कर चुकी है। गुप्त तरीके से निरीक्षण करके टीम मुख्यालय पहुंच गई है, विभाग के मुखिया को ही कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विदित हो कि हैफेड के नीलोखेड़ी, नेवल और असंध के गोदामों में रखा गेहूं खराब होने का मामला सामने आया है। सुरसरी लगने से प्रत्येक कट्टे से करीब 18 किलो तक गेहूं खराब होने के कारण कम हो गया है। ऐसा एक दो नहीं करीब चार लाख कट्टों में हुआ, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में गेहूं का रखरखाव करने वाली कंपनी और विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है।
लोगों ने शिकायत की तो उजागर हुआ मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने नेवल गोदाम के पास सुरसरी होने की शिकायत अधिकारियों से की। इसके बाद विभाग ने जांच की तो गेहूं में सुरसरी लगने से खराब हुआ पाया गया। यही स्थिति असंध और नीलोखेड़ी के गोदाम में भी थी। विदित हो कि एफसीआई ने जनवरी और फरवरी में गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद गेहूं को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन उस समय जिला महाप्रबंधक और जिम्मेदार स्टाफ ने सुध नहीं ली। शिकायत पर डीएम ऊधम सिंह ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ।