कुरुक्षेत्र के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्रा ने मंगलवार को आशादीप मंदबुद्धि संस्थान और जिला जेल का निरीक्षण किया। सबसे पहले बत्रा ने आशादीप संस्थान में जाकर रह रहे बच्चों से बातचीत की तथा उनका हालचाल जाना।
बच्चों ने बत्रा के साथ खुलकर बातचीत की और अपने परिजनों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संस्थान में निरंतर किसी न किसी प्रकार की गतिविधियां चलती रहनी चाहिए।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक जेपी केसरी व उनकी धर्मपत्नी मधु केसरी ने बताया कि इस संस्थान में उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 64 विद्यार्थियों को रखा गया हैं। इस संस्थान में बच्चों को आवासीय सुविधा, व्यवहार निदान, प्री वोकेशनल ट्रेनिंग व व्यवसायिक प्रशिक्षण सिखाया जाता है।
इसके बाद बत्रा जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे तथा कैदियों और हवालातियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर हालचाल पूछा, उनकी समस्याएं सुनी और समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशानिर्देश भी जारी किए। इस निरीक्षण में जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुमित गर्ग भी साथ थे।
इस अवसर पर बत्रा ने लीगल एड के एडवोकेट पंकज ढींगड़ा, अशोक राणा व विनीत बजाज से कहा कि जब भी वे जिला जेल में छोटे केसों का गहनता से अध्ययन करें, ताकि उनका जल्द निपटारा हो सके। उन्होंने हवालातियों और कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनका हालचाल जाना।
बत्रा के सामने कई हवालातियों ने इलाज के दौरान आ रही दिक्कतों व अन्य बीमारियों की जांच के साथ-साथ कई तरह की अन्य समस्याएं रखीं, इस पर बत्रा ने जेल अधिकारियों को इनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने को कहा।
इसके बाद बत्रा ने रसोई घर का निरीक्षण किया। यहां पर खाना बनाने वाले कैदियों से बातचीत की तथा उनसे पूछा की उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। इसके साथ ही कैदियों द्वारा तैयार किए गए खाने की गुणवत्ता को जांचने के लिए आलू-गोभी की सब्जी का स्वाद भी चखा। इस मौके पर जिला जेल के पुलिस अधीक्षक एसपीएस चौहान, जेल पुलिस उपाधीक्षक देवीदयाल तंवर, एआईपीआरओ बलराम शर्मा, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, सुपरिंटेंडेंट राधेश्याम आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।