कैथ्ाल के पाई में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सबला योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं की छात्राओं को कीडे़ युक्त राशन आबंटित किए जाने का मामला उजागर किया है। कई अभिभावक कीड़े युक्त राशन अपने साथ लिए हुए थे।
अभिभावकों की शिकायत पर ग्राम सभा में शामिल स्कूल प्रबंधक समितियों के सदस्य गांव के उक्त स्कूल जा पहुंचे और सारी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जब मौके पर जाकर राशन का निरीक्षण किया तो कीड़े चलते हुए पाए गए।
इसके लिए ग्रामसभा ने प्रधानाचार्य, योजना के प्रभारियों, सदस्यों, कुकों को दोषी ठहराया गया।
उन्होंने आरोप लगाए कि इनके द्वारा स्कूल में आए राशन को जांच परखकर नहीं उतरवाया गया। उन्होंने सरकार पर भी आरोप लगाए कि सरकार की सबला और मिड-डे मिल योजना सरासर धोखा है। प्रधानाचार्य जयकुमार अग्रवाल ने बताया कि राशन 15 नवंबर को आया था और इसे 17 नवंबर को आवंटित किया गया।
सबला योजना के तहत सूखा राशन आवंटित किया जाता है। पहले इसे तैयार करके छात्राओं को परोसा जाता था अब गेहूं और चावल सूखे राशन में दिया जाता है। उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार किया और कहा कि वे आगे से स्कूल में पहुंचे राशन को जांच परख कर ही उतरवाएंगे।
प्रधानाचार्य ने बताया कि ग्राम सभा व स्कूल प्रबंधक समिति सदस्यों की बैठक कर स्कूल के मिड-डे मिल की दो टंकियों में राशन के सुरक्षित रखने के लिए दवा रखने का निर्णय लिया गया है। मौके पर मौजूद सरपंच सतपाल ने प्रधानाचार्य व योजना प्रभारियों को कहा कि आगे से इस प्रकार की गलती सामने नहीं आनी चाहिए।