करनाल। छठ पर्व सेवा समिति मंडल की ओर से महाछठ पर्व के अवसर पर चल रही श्रीराम कथा में प्रवचन करते हुए सुशील शास्त्री ने कहा कि जैसा खाओ अन्न, वैसा होगा मन। ये मन बहुत चंचल है, इसे देखा नहीं जा सकता, लेकिन इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मन को वश में करने के लिए वैराग्य और अभ्यास दो तरह की तलवार से वार करना चाहिए।
प्रभु अपने भक्त की परीक्षा लेते है जो पास हो गया प्रभु उसे अपना लेते हैं। संसार में जो आनंद है वह भोग और सुख है। हमें प्रभु आनंद से जुड़ना चाहिए। शास्त्री ने आगे बताया कि भगवान श्रीराम की नजर में कोई व्यक्ति काम से नहीं, आचरण से बड़ा और छोटा होता है। इसलिए उन्होंने उन लोगों से मित्रता की, जिन्हें लोग अछूत समझते थे। जिन्हें कोई अपनाता नहीं था। भगवान श्रीराम का मानना था कि अपने आचरण को शुद्ध रखो, तभी जीवन में सफलता मिलेगी। जगत का कल्याण होगा। व्यक्ति की दृष्टि उसे महान बनाती है। रामचरित मानस में भी कहा गया है कि भगवान श्रीराम को छल, कपट वाले लोग पसंद नहीं है। भगवान भी उन्हीं की पुकार सुनते हैं, जिनका मन पवित्र होता है। हृदय में करुणा होती है।
मुख्य आयोजन की तैयारियां तेज
प्रधान सुरेश कुमार यादव ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम में वीरवार को सात नवंबर की शाम को और शुक्रवार आठ नवंबर को सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पूजा को विश्राम दिया जाएगा। सात नवंबर की शाम को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इस अवसर पर अर्जुन पंडित, उमेश चौहान, राम दयाल यादव, शत्रोघन राय, राम सागर राय, भोला राय, सिकंद्र मेहतो, नागेंद्र मेहतो, रोहित कुमार, सुधीर यादव, राम बिलास यादव, दिलीप कुमार, भूषण यादव, अरविंद यादव, संजीव मेहतो, दिवाकर, कृष्ण कुमार, दीपक कुमार, वशिष्ठ पंडित, राजन पंडित आदि मौजूद रहे।