माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में भारी बारिश के चलते कॉलोनी, गलियां और सड़कें तालाब बन गईं। घरों और दुकानों में पानी घुस गया। कई बाजार पूरी तरह बंद रहे। भारी बारिश से निगम द्वारा करोड़ों रुपये लगाकर की गई जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सेक्टर-13 में दर्जनों घरों व दुकानों में पानी घुस गया, अशोका विहार, मधुबन, शिव कॉलोनी गली दो के घरों के अंदर भी पानी घुस गया। जिसे निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। शांति नगर, रामनगर कॉलोनी भी जलप्लावित हो गई। दुकानों में पानी भर गया। सदर बाजार (जवाहर मार्केट), कमेटी चौक रेलवे रोड, रेडक्रास वाली रोड भी तालाब बन गई।
शहर से लेकर गांव तक पानी-पानी
घरौंडा। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव हो गया। जिससे गलियों में पानी जमा होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी धान की फसल भी गिरने लगी है। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। शहर के मुख्य मार्गों के साथ -साथ जीटी रोड व रेलवे रोड के अंडरपास पर कई फुट पानी जमा हो गया है। शहर के मेन बाजार, एसडी मंदिर रोड, नई अनाज मंडी में सुबह से ही जलभराव हो गया। संवाद
दर्जनों दुकानों में घुसा पानी, हजारों का नुकसान
तरावड़ी। शुक्रवार को बारिश से किसानों की फसल कटाई की दिक्कत बढ़ गई है, वहीं कई स्थानों पर जलभराव के साथ दुकानों में पानी घुस गया। ओवरब्रिज के नीचे की दुकानों में ज्यादा पानी भर गया है। यहां पर फोटो स्टूडियो, मेडिकल स्टोर, लकड़ी मिस्त्री की दुकान, साइकिल रिपेयर वाले की दुकानों में पानी जाने से हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। इसके अलावा शहर की पॉश लक्ष्मी कालोनी, गीता कॉलोनी, नगरपालिका रोड़, अस्पताल रोड़, गीता स्कूल वाली गली में भी पानी की झील बनी नजर आई। पालिका सचिव अजीत कुमार कर्मचारियों के साथ ओवरब्रिज के दुकानदारों से मिले। मौके पर सीवरेज होल चेक किए। संवाद
मंडी व खेतों में पड़ी धान ने डाली किसान के माथे पर चिंता की लकीर।
निसिंग। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेतों में खड़ी फसलों में पानी का ठहराव हो गया है। हवा चलने से सैकड़ों एकड़ फसल गिर गई है। निसिंग व जुंडला अनाजमंडी में धान भीग गया। वहीं किसान दो दिन से लगातार अपना धान वापस ले जा रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष गुलजार सिंह व सरदार हरभजन सिंह डाचर ने बताया कि सरकार यदि तत्काल धान की खरीद शुरू नहीं करती तो किसान को भारी नुकसान हो जाएगा। किसानों को अपना पूजा बासमती 1509 धान तो औने-पौने दामों पर राइस मिलरों व प्रदेश के बाहर की मंडियों में बेचना पड़ा। अब पीआर धान को भी प्रदेश से बाहर ले जाना पड़ रहा है।
आढ़तियों ने किया प्रदर्शन
इंद्री। आढ़तियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। सुबह 10 बजे से पूर्व प्रदर्शनकारी अनाज मंडी में शेड के नीचे एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक जमकर नारेबाजी की। भाकियू नेता रामपाल चहल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण दूसरे प्रदेशों से आये मजदूर मंडी में खाली बैठे हैं। यदि जल्द सरकार ने हमारी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मौके पर प्रधान ईशम सिंह कांबोज, रमेशचंद लठवाल, हरपाल मढ़ाण, सतपाल मलिक, संजीव गोयल, अमन बंसल, बालकिशन और पृथ्वी राज कांबोज आदि मौजूद रहे। संवाद
धान न बिकने पर धरने पर बैठा किसान
घरौंडा। धान की खरीद न होने से एक किसान किसान भवन पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया। किसान का कहना है कि आढ़तियों की हड़ताल के चलते किसानों की धान नहीं खरीदी जा रही है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। गांव रायपुर जाटान का किसान रविंद्र काजल शुक्रवार को किसान भवन में आमरण अनशन पर बैठ गया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने उससे संपर्क किया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। किसान रविंद्र काजल ने बताया कि बारिश की वजह से किसानों की फसल खेतों में खराब हो रही है और मंडियों में धान का कोई खरीदार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार धान की खरीद शुरू नहीं करती, तब तक वह आमरण अनशन पर बैठा रहेगा। संवाद
Disaster rain, roads submerged, paddy shed in mandis
Disaster rain, roads submerged, paddy shed in mandis
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