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लापरवाह डिपो होल्डर सस्पेंड

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कोरोना संकट में लॉकडाउन की मार झेल रहे लोगों को अब आवश्यक सेवाओं के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। कहीं डिपो पर सरकारी आटा सड़ने की बात सामने आ रही है तो अब गैस सिलेंडरों में कम गैस देने का मामला सामने आया है। जिसे लेकर उपभोक्ताओं ने हंगामा भी किया। लॉकडाउन में अपने घरों पर रह रहे लोग गैस एजेंसियों का आभार जताते हैं कि वह संकट के समय में कम से कम गैस तो दे रहे हैं लेकिन इसी विश्वास और सम्मान में कुछ घरेलू गैस आपूर्तिकर्ता उपभोक्ताओं को ठग रहे हैं। एक सिलेंडर में तीन से पांच किलो तक गैस कम दी जा रही है।
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मंगलवार को नबीपुरम में एक डिपो पर सरकारी आटे में चूहे द्वारा बच्चे जन्मने का मामला देखने को मिला था। जिस आटे को गरीबों को न बांटकर डिपो पर ही रख लिया गया था। अभी इस मामले की जांच पूरी भी नहीं हो सकी है कि दूसरे दिन बुधवार को घरेलू गैस में घटतौली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामला रामनगर कॉलोनी का है। यहां के वीरेंद्र ने बताया कि उनके घर एक गैस एजेंसी से एक व्यक्ति गैस सिलेंडर लेकर आया, उन्होंने गैस सिलेंडर ले लिया और भुगतान दे दिया। लेकिन जब सिलेंडर को उठाकर किचन की ओर ले जाने लगे तो उसका भार कम महसूस हुआ। शक होने पर उन्होंने अपने पड़ोसी से इलेक्ट्रिक कांटा मंगवाया। भार तोला तो सिलेंडर का वजन 23 किलो 500 ग्राम पाया गया। इसके बाद उन्होंने जब दूसरा नया सिलेंडर मंगाकर तोला तो उसका भार 25 किलो 400 ग्राम निकला। ऐसे में घटतौली का आशंका गहराई और होम डिलीवरी देने वाले व्यक्ति को फोन करके भार कम होने की जानकारी दी तो वह तुरंत बोला कि वह चिंता न करें, उन्हें वह दूसरा सिलेंडर पहुंचा देगा। कुछ देर के बाद डिलीवरी मैन दूसरा गैस सिलेंडर लेकर पहुंचा। जब इस गैस सिलेंडर का वजन तोला तो भार 28 किलो 500 ग्राम निकला। तब तक यहां कई गैस उपभोक्ता एकत्र हो चुके थे। तीनों गैस सिलेंडरों का अलग अलग वजन पाए जाने पर उपभोक्ता नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। क्यों कि पहले तोले गए दोनों सिलेंडरों में पांच से तीन किलो तक गैस कम थी। डिलीवरी मैन से सिलेंडरों में कम गैस होने के बारे में पूछा तो उसका जवाब था कि उसे इसकी जानकारी नहीं है, जैसा गैस सिलेंडर दिया गया, वैसा उसने पहुंचा दिया।
यह तो एक नमूनाभर है जो आज सामने आ गया। सवाल यह है कि यदि ऐसा शहरभर में अन्य स्थानों पर भी किया जा रहा होगा तो यह उपभोक्ताओं के साथ सीधा सीधा ठगी व आवश्यक सेवाओं में कमीं का मामला है। उपभोक्ताओं ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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