- वीडियो देखकर टेलीग्राम से भानू राणा के संपर्क में आए थे आरोपी, हैंड ग्रेनेड उपलब्ध करवाने वालों तक पहुंचेगी पुलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। चार चमन बाजार में मोबाइल शोरूम के बाहर फायरिंग कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपियों को भानू राणा के गुर्गे दीपेंद्र प्रताप उर्फ दीपन और अदम्य ने ही हथियार उपलब्ध करवाए थे। इसके बाद ही आरोपी आर्यन और राहुल ने वारदात को अंजाम दिया था। यह खुलासा रिमांड के दौरान दीपेंद्र और अदम्य ने किया है। दीपेंद्र ने सोशल मीडिया पर भानू राणा की वीडियो देखकर बदमाश बनने की ठानी थी। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से भानू राणा के संपर्क में आ गया था। शनिवार को दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ये दोनों वही आरोपी हैं जो 13 जून को बलड़ी बाईपास के पास से हैंड ग्रेनेड के साथ करनाल एसटीएफ ने गिरफ्तार किए थे। दोनों भानू राणा के सप्लायर हैं, इनके पास तीन माह पहले हैंड ग्रेनेड आया था। निर्मल कुटिया चौक के पास करनाल के जिन दो गुर्गों ने हैंड ग्रेनेड दिया था, पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। दोनों ने मार्च में जालंधर में हैंड ग्रेनेड भेजा था। जिसका एक चर्चित रैपर के घर के बाहर ब्लास्ट हुआ था। इस मामले में भी जालंधर में केस दर्ज है। अब सात दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया है।
चार चमन में दो जून को बाइक सवार दो बदमाशों ने शोरूम के बाहर फायरिंग करके एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने इस मामले में हिसार के बालसमंद निवासी राहुल और आर्यन को हिसार में गिरफ्तार किया था। दोनों को भानू राणा ने 20-20 हजार रुपये और पिस्तौल देने का लालच दिया था। लेकिन वारदात के बाद न तो पिस्तौल मिली और न रुपये मिले थे। यहां रिमांड अवधि पूरी होने के बाद इन दोनों को जेल भेज दिया था।
वीडियो देखकर गैंगस्टर बनने की ठानी
एसटीएफ सहायक निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि आरोपी दीपेंद्र इंस्टाग्राम पर भानू राणा की वीडियो देखता था। एक साल पहले उसने खुद भी बदमाश बनने की ठान ली और उसका आठ माह पहले टेलीग्राम के माध्यम से भानू राणा से संपर्क हो गया। भानू राणा से ज्यादा नजदीकी बनाने के लिए उसने अपने दोस्त अदम्य को भी गैंग से जोड़ लिया। दोनों बिना पैसे के ही भानू राणा के कहने पर हथियार और हैंड ग्रेनेड सप्लाई करने का काम करते थे। 13 जून को दोनों को एसटीएफ ने बलड़ी बाइपास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों से दो पिस्तौल, जिनमें एक 30 बोर और दूसरी 32 बोर, दो अतिरिक्त मैग्जिन, दो राउंड बरामद किए हैं।
यह भी खुलासा हुआ है कि जब भी इन आरोपियों को कोई हथियार या ग्रेनेड सप्लाई करना होता, ये करनाल की अलग-अलग जगहों पर सड़क किनारे झाड़ियों में छिपा कर रखते थे। इसके बाद अपने साथियों को टेलीग्राम पर लोकेशन भेज देते थे। साथी वहां से हथियार उठाकर ले जाते और उसके बाद फायरिंग या धमाके जैसी वारदात होती थी।