लोगों को अब जमीन की निशानदेही कराने में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राजस्व विभाग ने डिजिटल टोटल मशीन का प्रबंध किया है जो लोगों को कम समय में स्टीक निशानदेही करके देगी। डीसी एनके सोलंकी ने मंगलवार को इस मशीन का शुभारंभ कर विभाग को सौंपा। अब तक जमीनों की निशानदेही मैन्युअल की जाती है जिसमें लोहे की जंजीर आदि का इस्तेमाल किया जाता है।
इस प्रक्रिया में स्टीक निशानदेही नहीं हो पाती है। अलग-अलग कर्मचारियों द्वारा की गई निशानदेही में निशान एक जैसे नहीं मिल पाते। इस प्रक्रिया समय भी अधिक लगता है जिस कारण कार्यालयों में निशानदेही के लिए आवेदनों का अंबार लगा रहता है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए इस मशीन का प्रयोग शुरू किया गया है। इस अवसर पर गुहला उपमंडलाधीश अशोक बंसल, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया, नगराधीश रणजीत कौर, डीआईओ दीपक खुराना, तहसीलदार रोशन लाल, नायब तहसीलदार जयभगवान शर्मा, डीआईपीआरओ रणधीर शर्मा, पंचायती राज एसडीओ दलबीर दलाल आदि मौजूद रहे।
डीसी एनके सोलंकी ने साढ़े पांच लाख रुपये से जिला प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग के लिए खरीदी गई डिजिटल टोटल स्टेशन मशीन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रथम बार कैथल जिला प्रशासन द्वारा लाईका कंपनी की इस मशीन को खरीदा गया है। इसका प्रयोग जमीन की निशानदेही के लिए किया जाएगा। इसके प्रयोग से निशानदेही में नष्ट होने वाले बहुमूल्य समय की बचत होगी। इस मशीन की रेंज साढ़े तीन किलोमीटर तक होगी।
जनता को मिलेगा फायदा
निशानदेही के दौरान कई बार तालाब या आबादी होने से निशानदेही में परेशानी होती है। इस मशीन से ऐसी सभी जगहों पर आसानी से निशानदेही की जा सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा टोटल स्टेशन मशीन द्वारा निशानदेही के लिए तीन हजार रुपये की फीस निर्धारित की गई है जबकि निजी क्षेत्र में निशानदेही के लिए 25 हजार रुपये फीस ली जाती है। निशानदेही केे लिए पूर्व निर्धारित कमीशन फीस भी संबंधित व्यक्ति द्वारा अदा की जाएगी। इससे राजस्व विभाग द्वारा कम समय में ज्यादा निशानदेही की जा सकेगी। इससे विभाग के साथ-साथ आम लोगों को भी फायदा होगा। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर इस मशीन से निशानदेही की जाएगी।
समय की बचत होगी
जिला राजस्व अधिकारी राजबीर सिंह धीमान ने कहा कि इस मशीन की खरीद से विभाग को भी फायदा होगा। साथ ही निशानदेही करवाने वाले व्यक्तियों को भी लाभ मिलेगा। विशेषतौर से ग्रामीण क्षेत्र में शामलात जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों को निपटाने में इस मशीन द्वारा निशानदेही करने में अहम योगदान मिलेगा। ऐसे मामलों का निपटारा शीघ्रता से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जहां एक गांव की मैन्युअल निशानदेही में महीने भर का समय लगता है, वहीं टोटल स्टेशन मशीन द्वारा यह निशानदेही मात्र एक दिन में पूर्ण कर ली जाएगी।