फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: पांच अदालतों में होगी डिजिटल सुनवाई, वीसी से गवाही

विज्ञापन
विज्ञापन
- पायलट प्रोजेक्ट पर न्याय श्रुति एप से सुनवाई वाला करनाल प्रदेश का पहला जिला
विज्ञापन


- शहर की तीन, असंध और इंद्री की एक-एक अदालत में व्यवस्था लागू

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई एप तैयार किए गए हैं। इनमें से एक न्याय श्रुति एप का इस्तेमाल अदालत में वीसी से गवाहों के पेश होने में इस्तेमाल किया जाएगा। जिसे प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट पर करनाल जिले की पांच अदालतों में लागू किया गया है। इनमें से तीन अदालत करनाल शहर की व एक-एक असंध और इंद्री की है।

यहां की सफलता के बाद प्रदेश सरकार की ओर से इसे विभिन्न जिलों में लागू किया जाएगा। इस एप पर न केवल वीसी के माध्यम से गवाहों के पेश होने की व्यवस्था है, बल्कि विभिन्न विभागों को भी मामले में ऑनलाइन जुड़ने की सुविधा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने मंगलवार को उपायुक्त उत्तम सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। डीसी और एसपी गंगाराम पूनिया ने न्याय श्रुति एप्लीकेशन को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए।
विज्ञापन


केंद्र सरकार की ओर से ई-साक्ष्य, न्याय सेतु, न्याय श्रुति और ई-समन एप जारी किए गए हैं। हरियाणा में न्याय श्रुति एप्लीकेशन का पायलट प्रोजेक्ट केवल करनाल में चल रहा है। बैठक में जिला न्यायवादी डॉ. पकंज सैनी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन


यह है न्याय श्रुति
न्याय श्रुति तकनीक के माध्यम से न्यायिक कार्यवाही को आधुनिक बनाएगा। इलेक्ट्रॉनिक तरीके से न्यायिक कार्यवाही करने से न्यायालयों में भौतिक उपस्थिति पर निर्भरता कम होगी। न्यायाधीश, वकील और गवाहों सहित प्रतिभागी वीसी के माध्यम से दूर से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। इससे समय की बचत होगी। न्याय श्रुति न्यायिक प्रक्रिया में शामिल कई हितधारकों, जैसे पुलिस, जेल, अभियोजन और फोरेंसिक विभागों को जोड़ती है। यह बैकलॉग को कम करने और समय पर न्याय प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। न्याय श्रुति इलेक्ट्रॉनिक सुनवाई को बढ़ावा देने और न्यायिक संस्थाओं को एकीकृत करके, यह भारत में अधिक उत्तरदायी, सुलभ और पारदर्शी कानूनी प्रणाली की नींव रखता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें