- आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले प्रत्येक लाभार्थी को होगी आपूर्ति, एडीसी ने दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिन महिलाओं और बच्चों में खून की कमी है, अब उन्हें बाजरा मिक्सचर देकर खून की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से इसे लेकर योजना बनाई गई है। जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले प्रत्येक लाभार्थी को बाजरा मिक्सचर की आपूर्ति दी जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त यश जालुका ने इसे लेकर निर्देश दिए।
वह मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा बैठक कर रहे थे। एडीसी ने लिंगानुपात में सुधार लाने के प्रयासों को और बढ़ाने, गर्भपात पर कड़ी निगरानी रखने व पोषण में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दैनिक जीवन में मोटे अनाज का सेवन करने की अपील की गई है।
इसी के दृष्टिगत एडीसी ने आंगनबाड़ी वर्करों, सुपरवाइजरों और महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों व माताओं में खून की कमी को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्राप्त होने वाला बाजरा मिक्सचर प्रत्येक लाभार्थी को दें और उन्हें बाजरा मिक्सचर के महत्व के बारे में समझाएं कि बाजरा मिक्सर में बाजरा, भुना चना, सोयाबीन, मूंगफली गिरी मिश्रण खाने से बच्चों व माताओं में खून की कमी को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसका सेवन प्रतिदिन प्रत्येक मौसम में करने के लिए आमजन को जागरूक करें व बाजरा को गर्मी में नहीं खा सकते जैसे भ्रांतियों को दूर करें। ब्यूरो
लिंगानुपात में प्रथम आने पर सम्मानित
एडीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को लिंगानुपात में प्रथम स्थान आने पर बधाई दी। लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए ग्राउंड लेवल पर कार्य कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी व पीसीपी एनटीडी की टीम को पौधा देकर सम्मानित किया। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमा प्रसाद, उप सिविल सर्जन शीनू चौधरी मौजूद रहे।