करनाल। दिवाली के बाद शहर की हवा में घुला धुआं लोगों के फेफड़ों पर असर डाल रहा है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज और जिला नागरिक अस्पताल की श्वास रोग ओपीडी में लगभग 120 के करीब मरीज सांस संबंधी परेशानी लेकर पहुंचे। इनमें आधे नागरिक अस्पताल तो बाकी मेडिकल कॉलेज से शामिल रहे।
वहीं, निजी अस्पतालों में भी खांसी, जुकाम और सांस फूलने की शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी। पटाखों के धुएं से हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्थमा और एलर्जी के रोगियों की हालत और बिगड़ गई।
जिला नागरिक अस्पताल से श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि ओपीडी में आए मरीजों में कई ऐसे थे जिन्हें पहले से अस्थमा या ब्रॉन्काइटिस की समस्या थी। लेकिन धुआं और प्रदूषण बढ़ने के कारण उन्हें सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होने लगी। वैसे तो सामान्य दिनों की तुलना में मंगलवार को दो दिन दिवाली मनाने की वजह से लोग भ्रम में रहे कि आज अस्पताल की छुट्टी है या नहीं लेकिन उसके बावजूद ओपीडी में अधिक संख्या में लोग पहुंचे।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि इमरजेंसी में भी अस्पताल में करीब सात मरीजों को तुरंत उपचार की जरूरत पड़ी। मरीजों को नेब्युलाइजर से राहत दी गई जबकि कुछ को ऑक्सीजन से सहायता दी गई। सभी की हालत फिलहाल स्थिर है।
मेडिकल कॉलेज से डॉ. अभिनव डागर ने बताया कि कुल 150 की ओपीडी रही उनमें 50 से 70 के मरीज सभी तरह के सांस रोगों से संबंधित थे। संवाद