संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दीपावली की खुशियां कई परिवारों के लिए दर्द का कारण बन गईं। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक जिले के नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पटाखों से झुलसे 101 मरीज पहुंचे। इनमें नागरिक अस्पताल में 11 जबकि मेडिकल कॉलेज में 90 मरीज आतिशबाजी के कारण झुलसे।
सभी मरीजों को प्राथमिक इलाज देकर घर भेज दिया गया। ज्यादातर लोगों के आंख, हाथ और चेहरे पर चोटें आईं। कुछ के कपड़े तक जल गए। मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन वार्ड के पंजीकरण काउंटर से सुनील ने बताया कि 90 आगे में झुलसने वाले लोगों में 20 मरीज 18 वर्ष से कम उम्र के अन्य 55-60 वर्ष तक की उम्र के शामिल हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकतर मरीज दिवाली की रात 8 बजे से 11 बजे के बीच पहुंचे, जब लोग पटाखे जलाने में सबसे ज्यादा व्यस्त थे। कई मामलों में बच्चे बिना निगरानी के पटाखे जला रहे थे, जबकि कुछ मामलों में व्यस्कों ने भी असावधानी बरती।
हाथ में फटी फुलझड़ी से जला हाथ : उधम सिंह चौक निवासी 24 वर्षीय सौरभ ने बताया कि वह परिवार के साथ दिवाली की रात पटाखे जला रहे थे। कई फुलझड़ी जलाई लेकिन इस बात से अंजान था कि हाथ में फुलझड़ी भी फट सकती है।
एक फुलझड़ी हाथ में फट गई। पूरा हाथ झुलस गया। परिवार वाले नागरिक अस्पताल लेकर आए। सौरभ ने बताया कि डॉक्टरों ने इंजेक्शन और क्रीम लगाई और तत्काल उपचार देकर घर भेज दिया। अब हाथ पहले से ठीक है।
अनार बम हाथ में जल गया : कालरा मार्केट निवासी 15 वर्षीय प्रदीप ने बताया कि दोस्तों के साथ घर के बाहर पटाखे जला रहा था।
हम अनार बम जला रहे थे। सोचा था कि इसे जमीन पर रखेंगे, जैसे ही आग लगाई पूरा जलने से पहले ही फट गया। सब अचानक हुआ जिस कारण हाथ जल गया। परिवार के सदस्य तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर आए। वहां इंजेक्शन और क्रीम लगाई गई और वापस भेज दिया गया।