केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) की सचिव अलका उपाध्याय पहुंची एनडीआरआई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) की सचिव अलका उपाध्याय और पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्रा अन्य अधिकारियों के साथ बुधवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) पहुंचे। यहां डेयरी गतिविधियों और अनुसंधान कार्यो के बारे में जानकारी ली। अलका उपाध्याय ने कहा कि डीएएचडी, किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए मिलावट का पता लगाने वाली किट, गर्भावस्था परीक्षण और विभिन्न विस्तार गतिविधियों में एनडीआरआई का सहयोग करेगा।
इस दौरान एक बैठक में संस्थान की गतिविधियों के साथ 102 वर्ष पुरानी विरासत पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रसार में उत्कृष्टता के माध्यम से भारत में डेयरी क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है। हमारा विजन डेयरी विकास के लिए अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करना और उद्योग की उभरती जरूरतों को पूरा करने वाले नवाचार को बढ़ावा देना है। एनडीआरआई दूध प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पशु आनुवंशिकी, प्रजनन प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन जैसे क्षेत्रों में अग्रणी अनुसंधान कर रहा है। संस्थान ने 144 प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं, जिनमें से 71 का व्यवसायीकरण हो चुका है तथा संस्थान को 56 पेटेंट प्रदान किए गए हैं।
डॉ. अभिजीत मित्रा ने पशु स्वास्थ्य, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता को जोड़ने वाले एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। डेयरी प्रसंस्करण को आधुनिक बनाने, आपूर्ति शृंखला ट्रेसबिलिटी में सुधार और पशु स्वास्थ्य और प्रजनन के लिए सुविधाओं का विस्तार करने सहित बुनियादी ढांचे के विकास में पशु संस्थानों का समर्थन करना जारी रखेगा।