कस्बे के गांव ब्याना में खुदाई करते समय मिट्टी की ढांग गिरने से दो मनरेगा महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक महिला के पति की शिकायत पर ठेकेदार और विभाग महिला मेट के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले एक महीने से गांव ब्याना में बारात घर बनाने के लिए मिट्टी भरत का कार्य चल रहा है। रविवार को करीब 11 बजे खुदाई करते समय अचानक एक मिट्टी की ढांग मजदूरों के ऊपर गिर गई, जिसमें चार मजदूर दब गए। घायलावस्था में मजदूरों को इंद्री के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां 45 वर्षीय महिला सुरैया निवासी ब्याना की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 55 वर्षीय ज्ञानो देवी निवासी नगला रोड़ान को डॉक्टरों ने करनाल के कल्पना चावला में रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सुरैया के पांच बच्चे हैं और ज्ञानो देवी के पास केवल एक लड़का है, वो भी मानसिक रूप से बीमार है। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज में रखवा दिये हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ठेकेदार की चूक के कारण हुई घटना
समाजसेवी संजीव लाठर ने बताया कि यह घटना ठेकेदार की चूक के कारण हुई है। जब ठेकेदार को पता था कि ढांग काफी ऊंची है तो मजदूरों की बजाय जेसीबी से खुदाई करानी चाहिए थी। इसके अलावा काम करने वाले स्थान पर मजदूरों के लिए फर्स्ट एड के साथ-साथ पानी और टेंट की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, परंतु गांव में ऐसा कुछ भी नहीं था। वहीं, ठेकेदार की तरफ से म्टिटी की ढांग को लेकर भी गंभीरता नहीं बरती गई।
मिट्टी अचानक खिसक गई थी, जिस कारण दो महिला मनरेगा मजदूरों की मौत हो गई। मनरेगा मजदूरों के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाती हैं। रविवार को मैं बाहर था। व्यवस्था थी या नहीं मुझे इसकी जानकारी नहीं है।-मुकेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, गांव ब्याना।
ब्याना गांव में घटी घटना के मामले में मृतक महिला सुरैया के पति महबूब के ब्यान पर ठेकेदार सेठपाल के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव के लोगों समेत मजदूरों से पूछताछ की जा रही है।-सतपाल सिंह, थाना प्रबंधक, इंद्री