डीजीपी श्रीनिवास वशिष्ठ ने कहा कि अब तकनीक और समन्वित पेशेवर प्रतिक्रिया से अपराधियों को रोकने की आवश्यकता है।
डीजीपी शुक्रवार को मधुबन के हरियाणा पुलिस कांपलेक्स में आयोजित 57वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। डीजीपी ने कहा ड्यूटी मीट से कर्मी अपराध को कम करने में कौशल हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाली अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट में सारे भारत के सर्वश्रेष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
वे अपने शरीर, मन और आत्मा से एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संबोधन से पहले उन्होंने प्रतिभागी टीमों के मार्च पास्ट की सलामी ली। राज्य पुलिस व केन्द्रीय पुलिस संगठनों की टीमों के बीच अनुसंधान में कुशलता की बेहतरी की प्रतियोगिता सात से 14 मार्च तक चलेगी। इस मीट में 1000 कर्मचारी अपनी पेशेवर कुशलता का प्रदर्शन करेंगे। मेजबान टीम के कप्तान उप निरीक्षक ओम प्रकाश ने सभी प्रतिभागियों के साथ ड्यूटी मीट के दौरान प्रतियोगिता की सच्ची भावना तथा अपने संगठन एवं प्रतियोगिता के सम्मान के लिए भाग लेने का प्रण किया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता का आयोजन वर्ष 1953 में पुलिस के आपसी अनुभवों को सांझा करने तथा उनमें पेशेवर कुशलता को विकसित करने के लिए आरंभ किया गया था। गत वर्ष यह प्रतियोगिता फरवरी में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की गई थी।
मीट में अनुसंधान में वैज्ञानिक सहायता, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, विस्फोटक सामग्री को खोजना, डॉग्स का पुलिस कार्याें में उपयोग तथा कंप्यूटर जागरूकता प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। समारोह के अवसर पर आईपीएस बीएस संधू, शील मधुर, बीके सिन्हा, केके शर्मा, सुधीर चौधरी, अनिल राव, बलबीर सिहं,डा. सुमन मंजरी व पुलिस के अन्य उच्चाधिकारी भी मौजूद थे।