माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। श्री घंटाकर्ण महावीर देवता के विशेष कृपा दिवस कृष्ण चौदस पर इंद्री रोड स्थित श्री घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर सोमवार को भक्ति संगम आयोजित किया गया। जिसमें गायकों ने भजन गाए-मैंने अर्जी लिख दी दादा तेरे दरबार में, बस मुहर लगा दो अपनी खड़ा इंतजार में...। इस मौके पर उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि भक्ति परमात्मा तथा दिव्य शक्तियों का अनुग्रह प्राप्त करने का सरल तरीका है।
भक्ति संगम में सर्वप्रथम श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र के सामूहिक जाप से लोकमंगल तथा सभी के कल्याण की कामना की गई। मुनि संयमेश, साध्वी जागृति, कर्मवीर सिंह, रीटा जैन, पुष्प गोयल, सरिता-प्रवीण जैन ने भक्तिगीतों से समां बांधा। इसमें तेरे पास आकर मुझे यूं लगा, मेरे प्राणों में जगी चेतना है। तेरे गुण के आगे सभी गौण लगते, तुम मेरे चिंतन की अमर दास्तां हो। देना हो तो दीजिए जन्म-जन्म का साथ, मुझे रास आ गया है तेरे दर पर सर झुकाना आदि भजन प्रमुख रहे।
प्रवचन करते हुए उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि श्री घंटाकर्ण कृपानिधान भक्तों पर वात्सल्य बरसाने वाले देवता हैं जो सबको निहाल तथा मालामाल करते हैं। इनके उपासक का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती और सभी अनुकूलताएं चुंबकीय आकर्षण से उसकी ओर खिंची आती हैं। इनकी भक्ति पूर्वक उपासना करने से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं तथा जीवन का पथ विघ्न-बाधाओं से रहित होकर सुखों के सुकोमल एवं खुशबूदार फूलों से सुसज्जित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि क्षुद्र कामनाओं से ऊपर उठकर समर्पण के साथ की जाने वाली भक्ति निष्काम तथा निस्वार्थ होने के कारण सबसे उत्तम है। तीनों योगों का जोड़ होने पर भक्ति का बल बढ़ जाता है और यह असंभव को भी संभव कर देती है। अंत में घरौंडा के जयभगवान जैन ने मुख्य आरती तथा प्रीतिभोज की सेवा का लाभ लिया।