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Karnal News: सूर्य की शक्ति प्रत्यूषा को अर्घ्य देकर श्रद्धालुओं ने मांगी सबकी खुशहाली

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- श्रद्धा और उल्लास के साथ जिले भर में मना छठ पर्व, पश्चिमी यमुना नहर पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डूबकी
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- ढाई किलोमीटर लंबे घाट पर रही श्रद्धालुओं की भीड़, एक साथ दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लोक आस्था का छठ पर्व जिले में श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। पश्चिमी यमुना नहर के किनारे हजारों श्रद्धालु उमड़े और नहर में गोते लगाकर अस्ताचलगामी (डूबते सूर्य) को अर्घ्य दिया। अपने परिवार, मित्र व सगे संबंधियों को साथ लेकर लोग नहर पर पहुंचे। पश्चिमी यमुना नहर के दोनों तरफ के करीब ढाई किलोमीटर के घाटों पर लोगों की भीड़ दिखी।

छठ माता के गीत गाती हुई श्रद्धालुओं की टोली नहर पर आई। कुछ लोग दंडवत होकर अपने घरों से नहर तक पहुंचे और छठ माता की पूजा कर सबके कल्याण की मन्नतें मांगीं। कर्ण नगरी में छठ पर्व सेवा समिति मंडल की ओर से पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सूर्य मंदिर में महा छठ पर्व महोत्सव मनाया जा रहा है। वीरवार को संध्या सूर्य अर्घ्य किया गया। हर आयु वर्ग के श्रद्धालु पश्चिमी यमुना नहर पर भगवान सूर्य देव को नमन करने पहुंचे। कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और चारों विधायकों ने शिरकत की।
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श्रद्धालुओं ने नहर के ठंडे पानी की कोई परवाह नहीं की। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिला और पुरुषों के अलावा बच्चों ने भी नहर के पानी में खड़े होकर उपासना की। शाम को डूबते सूर्य की किरणें नहर के पानी पर सुंदर लालिमा बिखेर कर श्रद्धालुओं की श्रद्धा को बढ़ा रही थी। लोग पूजा करने से पहले नहर में डूबकी लगा रहे थे। हर चेहरे पर श्रद्धाभक्ति की लालिमा झलक रही थी। सूर्य छिपते ही सूर्य मंदिर की सुंदरता ने दर्शकों का मन मोह लिया। अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु सिर पर प्रसाद की टोकरी लेकर अपने घरों की ओर लौट गए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा करीब 50 महिला व पुरुष पुलिस कर्मचारी पश्चिमी यमुना नहर पर तैनात रहे। ये पुलिसकर्मी आज सुबह भी सुरक्षा के लिहाज से ड्यूटी देंगे। इसके अलावा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समिति की ओर से भी स्वयंसेवकों को तैनात किया गया। ब्यूरो

आज सूर्य की शक्ति ऊषा को अर्घ्य देंगे श्रद्धालु
वीरवार को श्रद्धालुओं ने सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण (प्रत्यूषा) को अर्घ्य देकर नमन किया। मान्यता है कि छठ पर्व पर सूर्य के साथ-साथ उनकी दोनों शक्तियों की संयुक्त आराधना होती है। ऐसे में आज श्रद्धालु प्रात:काल में सूर्य की पहली किरण (ऊषा) को अर्घ्य देकर नमन करेंगे। इसी के साथ ही उनका व्रत संपन्न होगा और श्रद्धालु सूर्य मंदिर में प्रसाद ग्रहण करेंगे। उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए अल सुबह करीब तीन बजे से श्रद्धालु घाट पर पहुंचने शुरू हो जाएंगे।

छठ पर्व के चलते नदी किनारे मेला भी लगा। मेले में विभिन्न खाद्य सामग्री व खिलौनों के स्टाॅल लगे। जहां बच्चों ने खूब खरीदारी की। इसके अलावा सूर्य की उपासना करने लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन के कारण काछवा रोड और कैथल रोड पर जाम लग गया। दो किलोमीटर का सफर तय करने के लिए वाहन चालकों को एक घंटे से अधिक समय लगा।
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दंडवत प्रणाम कर मांगी मन्नतें
श्रद्धालुओं में आस्था इस कदर व्याप्त थी कि बहुत से श्रद्धालु दंडवत प्रणाम करते हुए नहर पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान सूर्य से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। इसलिए जिन लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं वे छठ पर्व पर दंडवत प्रणाम करते करते हैं। श्रद्धालुओं ने फलों और मीठे पकवान के साथ भगवान सूर्यदेव का पूजन किया। टोकरी अथवा सूप में फलों के अलावा गन्ना, हल्दी का पौधा, नारियल और दूध सहित अन्य सामान रखा गया। पूजन उपरांत इनका भोग लगाकर श्रद्धालु वापस घर ले गए।
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