- बिजली लाइनों में खराबी ढूंढ़ने के लिए रातभर जुटे रहे कर्मचारी, 32 फीडर रहे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में बुधवार रात आए अंधड़ से 206 बिजली के खंभे और करीब 338 पेड़ गिर गए। खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जिससे कई इलाके रात को अंधेरे में डूबे रहे। पेड़ गिरने से कई जगहों पर यातायात बाधित रहा। जिलेभर में करीब 32 फीडर प्रभावित रहे।
टपराना, टीकरी व दनियालपुर रोड पर करीब 26 पेड़ उखड़ कर बिजली की लाइनों पर गिर गए। इस कारण से पुराने सरफाबाद माजरा फीडर पर रातभर बत्ती गुल रही। शहर में रामनगर व मेरठ रोड पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ढाई घंटे बाधित रही।
नेवल सब स्टेशन, तरावड़ी, रंबा व नीलोखेड़ी में बिजली कर्मी रातभर फाल्ट ढूंढ़ने के लिए टीम बनाकर पेट्रोलिंग करते रहे। इंद्री के कलसोरा, संगोहा, संगोही, रंबा, जनेसरो, गुमटो, गांधीनगर, तरावड़ी, नीलोखेड़ी व इंद्री क्षेत्र में पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर जा गिरे इस कारण खंभे भी टूटकर गिर गए। जिला वन अधिकारी जय कुमार ने बताया कि जैसे ही विभाग को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाओं का पता लगा। विभाग की टीम सक्रिय हो गई। वीरवार को जिले में दिनभर पेड़ों के उठान का काम जारी रहा, जिससे यातायात सुचारू हो पाया।
बिजली निगम की 16 टीमें रातभर ठीक करती रही खामियां
अंधड़ के बाद जैसे-जैसे शहर, कस्बों व गांवों से बिजली आपूति बाधित होने की समस्याएं आईं तो बिजली निगम की 16 टीमें अपने-अपने फीडरों की लाइनों की पेट्रोलिंग में जुट गईं। रातभर की कड़ी मशक्त के बाद कई गांवों की बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई, वहीं शहर की बत्ती भी इस दौरान ढाई घंटे गुल होने के बाद सुचारू कर दी गई। लाइनमैन गुलशन, प्रवीन व प्रदीप कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की घरेलू आपूर्ति रात के समय ही चालू कर दी गई थी जिन गांवों की लाइनें खेतों से होकर गुजर रही थी उनके खंभे गिरने व कुछ लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण उन्हें सुबह हटवाकर बिजली आपूर्ति सुचारू की गई।
जैसे ही बिजली लाइनों के प्रभावित होने, पेड़ों के टूटकर 11 केवी की लाइनों पर गिरने की सूचना मिली निगम के कर्मचारी काम में जुट गए। रातभर की पेट्रोलिंग में कर्मचारियों ने कई गांवों की बिजली व्यवस्था को तो सुचारू कर दिया लेकिन जिन लाइनों पर बड़े पेड़ गिर गए थे, उन लाइनों को पेड़ों के उठान के बाद सुचारू किया गया।
- संदीप कुमार, उपमंडल अभियंता, सब डिवीजन नेवल