माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के कई सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटके हैं तो कई में गंदगी का आलम है। जिसकी वजह से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
इससे स्वच्छ सर्वेक्षण में निगम की स्वच्छता रैंकिंग को झटका लग सकता है। नगर निगम इन शौचालयाें की सफाई और मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च करता है। बावजूद शहर के लोगों को इनकी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शौचालयों की सफाई की निविदा खत्म होने के बाद दोबारा नए सिरे से लगाई है। इसे एजेंसी को अलॉट कर दिया गया है। जल्द ही सभी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का काम पूरा करा दिया जाएगा।
इस समय नगर निगम सीमा के अंतर्गत शहर में करीब 75 जगहों पर सार्वजनिक शौचालय बने हैं। इनमें करीब 185 सीटें हैं। निगम ने प्रति सीट करीब 1801 रुपये के हिसाब से इनकी सफाई और रखरखाव का ठेका दिया था। जो अब पूरा हो चुका है। अब निगम ने इस ठेके को करीब 1775 रुपये प्रति सीट के हिसाब से दिया है। हालांकि इस समय शहर के कुछ शौचालय खस्ताहाल हो चुके थे जिनको कंडम घोषित किया जा चुका है। इससे शौचालयों की संख्या कम हो रही है। हालात ये हैं कि मुगल कैनाल के शौचालयों पर ताले लटके हैं।
इनमें लाइट तक नहीं है। जिससे मुगल कैनाल जैसे क्षेत्र में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नगर खेड़ा चौक के शौचालय पर एक ओर ताला लटका था तो दूसरी ओर खुला जरूर मिला लेकिन यहां काफी ज्यादा गंदगी थी। ऐसे ही नेहरू पैलेस और कर्ण बाजार के शौचालयों में भी गंदगी का आलम मिला। हालांकि मेरठ रोड, सेक्टर-14 मार्केट का यूरिनल, पुरानी सब्जी मंडी का शौचालय, पुराने बस स्टैंड के पास का शौचालय साफ मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।