माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार को डिपो होल्डर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल करनाल के विधायक जगमोहन आनंद से मिला। करीब 80 डिपो होल्डर ने ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक बेवजह जांच से परेशान करते हैं। डिपो धारकों से मंथली मांगी जा रही है।
डिपो धारकों ने कहा कि उन्हें राशन खरीदने के लिए एक माह पहले एडवांस राशि जमा करवानी पड़ती है। इसके बाद भी सरकार की ओर से उन्हें कमीशन नहीं दिया जा रहा। जिले के करीब 600 डिपो होल्डरों का पिछले छह माह से कमीशन बाकी है। उनके पास घर और व्यवसाय चलाने तक के पैसे नहीं होते। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे और जल्द समाधान करवाएंगे। एसोसिएशन प्रधान सुरिन्द्र लोधी समेत सुनील मान, मनी बत्रा, जोगिंद्र मान, अजय सिंगला, कबीर, कन्हैया, उत्तम चंद, हरिन्द्र मान, अश्वनी सैनी, लवप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
ऐसे फंसाते हैं अफसर:
डिपो होल्डरों एसोसिएशन के प्रधान सुरिंद्र लोधी ने बताया कि चीनी 13.5 रुपये किलो दी जाती है। इस पर उनका महज आठ पैसे प्रति किलो का कमीशन होता है। चूंकि 50 पैसे खुले कोई नहीं रखता। अगर राशन कार्ड धारक को चीनी 14 रुपये प्रति किलो दी जाए तो यहां डिपो होल्डर पर सवाल उठते हैं कि 50 पैसे ज्यादा ले लिए। अगर चीनी 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दी जाए तो नुकसान होता है। इसका हवाला देकर इंस्पेक्टर उन पर कार्रवाई का दबाव बनाते हैं।उन्होंने 2जी नेटवर्क पर चलने वाली पीओएस मशीनों की समस्या भी उठाई। कहा कि ये मशीनें अक्सर बंद रहती हैं।