घरौंडा व आसपास के गांवों में डेंगू के पूरी तरह पैर पसारने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शहर की चार कॉलोनियों में घर-घर जाकर सर्वे किया तो आठ घरों से डेंगू का लारवा मिला।
लारवा मिलने के बाद विभाग के अधिकारी डेंगू रोकने के लिए लोगों को हिदायतें दे रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि शहर व आसपास के गांवों में मलेरिया व डेंगू बुखार पनप रहा है और चार मामले सामने आए हैं। कस्बे व आसपास के गांवों में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है।
डेंगू से पीड़ित लगभग पचास लोग करनाल, पानीपत व दिल्ली के अस्पतालों में अपना उपचार करवा रहे हैं। कुछ डेंगू से पीड़ित उपचार के बाद अपने घर लौट आए हैं लेकिन शहर में डेंगू से दहशत है। एक माह से डेंगू का सिलसिला चल रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक डेंगू के बचाव के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है।
स्कूलों व नगरपालिका सहित अन्य संस्थानों ने शहर में फॉगिंग कराने व दवाई का छिड़काव करने की मांग स्वास्थ्य विभाग से कई बार की है लेकिन विभाग के पास व्यवस्था ही नहीं है। एक माह बीत जाने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचाव के लिए चार टीमों का गठन किया। टीम ने पहले दिन नसीब विहार, भोला कॉलोनी, शिव कॉलोनी व बाली नगर में घर-घर जाकर सर्वे किया।
सर्वे में घरों में रखे कूलराें, गमलों व पानी की टंकियों की जांच की गई। जांच में आठ घरों में डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छरों का लारवा पाया गया। लारवा मिलने के बाद खड़े पानी में टेमीफॉस दवा डाली गई। विभाग के अधिकारियों ने माना कि शहर में डेंगू व मलेरिया के काफी मामले सामने आए हैं। डेंगू से बचाव के लिए शहर में फॉगिंग व दवा के छिड़काव के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में विभाग के प्रति रोष है।
घर-घर जाकर किया गया सर्वे
भोला कॉलोनी में 140 घरों के सर्वे में पांच घरों में मच्छरों का लारवा मिला। विग कॉलोनी में 81 में से दो घरों में, शिव कॉलोनी में 125 में से एक घर में और नसीब विहार कॉलोनी के 95 में से कोई भी घर में लारवा नहीं मिला।
सामुदायिक केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह ने माना कि शहर में डेंगू बुखार का प्रकोप है और चार मामले सामने आ भी चुके हैं। यह अभियान पूरे शहर में चार दिन तक चलेगा। डेंगू की रोकथाम के लिए चार टीमों का गठन किया गया है जो घर-घर जाकर सर्वे करेगी। मंगलवार को टीम ने चार कॉलोनियों में 440 घरों में सर्वे किया।
इसमें तीन कॉलोनियों के आठ घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लारवा पाया गया है। उन्होंने लोगों से कूलरों व गमलों की साफ सफाई रखने का आह्वान किया और कहा कि फॉगिंग कराने से मच्छर कुछ देर के लिए इधर-उधर चला जाता है लेकिन लारवा को समाप्त करना जरूरी है।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए बैठक
नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे डेंगू व मलेरिया के रोगियों की संख्या व चरमराई सफाई व्यवस्था पर मेयर रेनू बाला गुप्ता ने सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व डिप्टी मेयर मनोज वधवा के साथ सफाई कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान मेयर ने क्षेत्र में बेहतर सफाई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मेयर ने कर्मचारियाें से कहा कि उनके वार्ड का प्रत्येक पार्षद सफाई कर्मचारी की हाजिरी चेक कर सकता है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर निगम के क्षेत्र में तैनात किसी भी सफाई कर्मचारी की कही पर भी हाजिरी चेक कर सकते हैं। इसलिए सभी कर्मचारी अपनी ढिलाई को त्यागकर केवल सफाई व्यवस्था की ओर ध्यान दें ताकि निगम को स्वच्छ बनाया जा सके।
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण डेंगू व मलेरिया के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। कीटनाशक दवाई व फॉगिंग इसका विकल्प नहीं है। इसलिए कर्मचारियों को केवल सफाई पर अपना ध्यान एकत्रित करते हुए अपने काम को करना है ताकि अपने निगम को स्वच्छ करते हुए इन भयंकर बीमारियाें को समाप्त किया जा सके।
उन्होेंने कहा कि नालियाें में सफाई करने के तुरंत बाद ट्राली मंगवाकर कूड़ा वहां से उठवाएं। कहीं पर भी पानी को एकत्र नहीं होने दें, जहां मच्छर पनपने की संभावना लगे, उन स्थानों पर विशेष ध्यान देकर सफाई करें। मौके पर पार्षद सुजाता अरोड़ा, सुर्दशन कालड़ा, यशपाल मित्तल व विनोद तितोरिया उपस्थित रहे।