संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। नई अनाज मंडी में सरसों की आवक में तेजी आई है और अभी तक केवल निजी खरीद ही जारी है। शाहाबाद अनाज मंडी में सरकारी खरीद नहीं की जा रही, जिसके लिए किसानों को निकटवर्ती शहर लाडवा और इस्माईलाबाद जाना पड़ रहा है। अभी हाल ही में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेतृत्व में किसानों ने सचिव मार्केट से यह मांग की है कि शाहाबाद अनाज मंडी में सरकारी खरीद शुरू करवाई जाए।
सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने किसानों की मांग पर मुख्य प्रशासक हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, पंचकुला को पत्र लिखा है और शाहाबाद मंडी में सरकारी खरीद शुरू करवाने के लिए आह्वान किया है। सचिव ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन, चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसानों ने यह मांग की हैं कि अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू करवाई जाए। क्योंकि शाहबाद एरिया के किसानों को अपनी सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सरसों के सरकारी खरीद केंद्र लाडवा या इस्माईलाबाद जाना पड़ता हैं। जोकि शाहबाद एरिया से लगभग 25-30 किलोमीटर दूर पड़ता हैं, जिससे शाहबाद एरिया के किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता हैं और ट्रांसपोर्ट इत्यादि पर अतिरिक्त वहन करना पड़ रहा है।
सचिव ने कहा कि शाहाबाद के किसानों की हर मांग एवं समस्या का समाधान उन्होंने अधिकारियों से पहले भी करवाया है, इसलिए वह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि शाहाबाद मंडी में जल्द सरकारी खरीद शुरू हो। मार्केट कमेटी शाहाबाद से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक अनाज मंडी शाहाबाद में 12500 क्विंटल सरसों की आवक हुई है, जिसकी प्राइवेट खरीद हुई है। प्राइवेट खरीदार लगभग हर ढेरी का 5650 रुपए प्रति क्विंटल तक मूल्य किसानों को दे रहे है, जबकि 2025-26 का सरकारी एमएसपी मूल्य 5950 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों की चाह है कि शाहाबाद अनाज मंडी में सरकारी खरीद शुरू हो और उन्हें एमएसपी मूल्य मिले।