संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/मुनक। असंध को जिला बनाने की मांग तो वर्षो पुरानी है लेकिन हर बार यहां के लोगों की उम्मीद टूट जाती है। इस बार चुनाव में भी असंध को जिला बनाने का मुद्दा सभी राजनीतिक दलों ने प्रमुखता से उठाया था। खास बात ये है कि इस बार सत्तारूढ़ दल के विधायक योगेंद्र राणा ने भी विधानसभा में जिला बनाने की मांग प्रमुखता से रखी थी। अब एक नवंबर को फिर हरियाणा दिवस का मौका आ रहा है। असंध के लोगों की उम्मीद एक बार फिर जगी है कि हरियाणा दिवस पर मुख्यमंत्री असंध को जिला बनाने घोषणा कर सकते हैं।
जिला बनने से पूरे क्षेत्र को होगी सहूलियत
- मोर माजरा निवासी सोनू का कहना है कि अगर असंध को जिला बनाया जाए तो गांव के लोग दफ्तरों के काम के साथ-साथ अपने भी घर का काम कर सकते हैं और समय पर घर जाकर अन्य कार्य में सहयोग कर सकते हैं। शहर के नजदीक लगने वाले गांव की जमीन के दाम भी बढ़ जाएंगे। इसमें अनेक विकास कार्य होंगे और नजदीक होने के कारण गांव में सरकारी कार्यालय के कर्मचारी पर भी अधिकारियों की नजर रहेगी। गांव वासियों को भी उनका लाभ मिलेगा।
मुख्यालय जाने में निकलता जाता है दिन
- गोली ग्राम पंचायत के सरपंच उमेद सिंह का कहना है कि उनकी ग्राम पंचायत जिला मुख्यालय से करीब लगभग 40 किलोमीटर दूर पड़ती है। जिला मुख्यालय यदि कोई कार्य हो तो आने जाने में पूरा दिन निकल जाता है, खर्च भी अधिक होता है। ज्यादा दूर होने के कारण एक दो ही कार्यालय का काम मुश्किल से हो पता है। क्योंकि कई बार कार्यालय में अधिकारी न होने के कारण इतनी दूर जाना की मेहनत भी पूरी नहीं होती और कई बार जाना पड़ता है।
पहले ही बन जाना चाहिए था जिला
पाढ़ा निवासी सुरेंद्र कश्यप का कहना है कि असंध को राजा जरासंध की राजधानी बताया जाता है। पहले राजा की विरासत रही है। पता नहीं किन कर्मों की सजा इस क्षेत्र को मिली कि ये अब तक जिला नहीं बन सका। इसको जिला बनाना चाहिए। विकास कार्य से पिछड़े हुए गांव में भी विकास कार्य होंगे व जिससे हल्का को इसका लाभ मिलेगा।
जिला मुख्यालय दूरी है बड़ी समस्या
अलावला गांव के सरपंच अजीत राणा का कहना है असंध जिला बनने से यातायात की सुविधा बढ़ जाएगी। बड़े-बड़े शहरों व जिलों में जाने वाली साधन भी संख्या बढ़ जाएगी। कर्मचारियों को भी किसी कामवश जिला कार्यालय में जाना पड़ता है तो उनके कार्यालय का काम छूटता है। सारा दिन लगने से कार्यालय में आने वाले लोगों को भी इसकी परेशानी झेलनी पड़ती है,जिला बनने से हल्के वासियों की काफी समस्या कम हो जाएंगे।
जिला बनने से विकास होगा तेज
पाढ़ा गांव निवासी राजेश आर्य का कहना है इस असंध जिला बनाए जाने के सभी मानक पूरे करता है लेकिन फिर भी काफी पिछड़ा हुआ है। जिला बनाने से अनेक रोजगार कार्य खुलने का अवसर मिलेगा और हजारों की संख्या में कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे। जिसमें नौकरी के भी अवसर खुल जाएंगे और क्षेत्र वासियों को जिला कार्यालय के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।
विधायक भी उठा चुके जिले की मांग
मंचुरी सरपंच जितेंद्र कश्यप का कहना है की असंध जिला की मांग काफी पुरानी है, क्योंकि यह शहर जिला से काफी दूर पड़ता है। जिसकी लंबाई कम से कम 40 से 45 किलोमीटर दूर पड़ती है। यह क्षेत्र के विकास कार्यों में भी पिछड़ा हुआ है इसे जल्दी से जल्दी जिला बनना चाहिए। इस बार तो सत्ता के विधायक भी विधानसभा में जिला बनाने की मांग उठा चुके हैं।