माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग उठी है। शिक्षकों का कहना है कि तबादला की पूरी प्रक्रिया अभी हो जानी चाहिए और नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही अप्रैल में शिक्षकों को नए स्टेशन यानी स्कूल ड्यूटी के लिए आवंटित कर दिए जाने चाहिए। शिक्षक तबादला करवाओ संघर्ष समिति की ओर से इस मांग को लेकर सरकार को पत्र लिखा गया है।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण कुमार निर्माण ने बताया कि इस बार सरकार की तबादला नीति ठीक है। इसमें तेजी की जरूरत है। ट्रांसफर पॉलिसी पर जनगणना आदि को लेकर जिस तरह की अफवाहें हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से स्पष्ट किया जाना चाहिए। यदि इस समय ट्रांसफर नहीं हुई तो सरकार और शिक्षा विभाग की ही बदनामी होगी। साथ ही विभाग में अस्थाई स्टेशनों पर बैठे लगभग चालीस हजार से ज्यादा शिक्षक न केवल परेशान होंगे। समिति की महिला राज्य प्रधान जसबीर कौर, राज्य महासचिव रामनिवास संगोह सहित अन्यों ने कहा कि जनगणना ट्रांसफर के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए और चूंकि ट्रांसफर पॉलिसी एकदम सही है, इसमें इस बार कोई कमी नहीं है। तत्काल ट्रांसफर करने की ओर बढ़ा जाए क्योंकि ट्रांसफर को लेकर काफी कार्य हो भी चुका है।
जेबीटी के 10, अन्य के चार वर्ष से नहीं हुए तबादले
प्रदेश में जेबीटी के 10 वर्ष से तो टीजीटी, पीजीटी, प्रिंसिपल, हेडमास्टर और मौलिक मुख्याध्यापकों के तबादले चार साल से नहीं हुए हैं। जिस कारण कहीं पर अधिक तो कहीं शिक्षकों की संख्या कम है। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि जेबीटी की ट्रांसफर पॉलिसी में 95 प्रतिशत वाला जो नियम बनाया गया है, उस पर पुनर्विचार किया जाए व सरकार और विभाग ट्रांसफर को शिक्षकों का विकल्प न मानें और न ही स्कूल मर्जर का औजार बनाएं, खाली पदों पर भर्ती करके हर एक छात्र के लिए शिक्षक उपलब्ध करवाएं जाएं ताकि कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहें।