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Karnal News: सर्दियों में बढ़ी सूखे मेवों की मांग

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- सूखे मेवों का सेवन सेहत के लिए अच्छा
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। सर्दियों का मौसम आते ही कर्ण बाजार की गुड़मंडी में सूखे मेवों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। पिछले साल की तुलना में सूखे मेवे के व्यापार में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यह शरीर के लिए सर्दियों में काफी सेहतमंद होते हैं, जो पोष्टिक तत्व और मजबूती देते हैं। इनकी गुणवत्ता और बदलते मौसम में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं।

सूखे मेवे ठंड के मौसम में एक खास जगह रखते हैं। इनका उपयोग सर्दियों में काफी अधिक मात्रा में किया जाता है। इन्हें न सिर्फ खाया जाता है, बल्कि इनसे अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट पकवान बना कर भी खाएं जाते हैं। लोग इन मेवों से अपने घरों में सांधा और अनेक प्रकार के लड्डू बनाते हैं जिनमें गोंद के लड्डू मशहूर हैं। यह सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में सहायक होते हैं। इनमें विटामिन ए, विटामिन बी और आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
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सूखे मेवों में अलग-अलग प्रकार के मेवे कुछ न कुछ खासियत रखते हैं, जो शरीर के लिए किसी न किसी तरीके से फायदेमंद रहते हैं। जैसे बादाम हड्डियों को मजबूत करता है, काजू ऊर्जा प्रदान करता है, अखरोट हृदय को स्वस्थ रखता है और मानसिक रूप से मजबूत रखता है। वहीं पिस्ता कोलेसट्रॉल के स्तर को कम करता है, किशमिश खून की कमी को पूरा करता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, छुहारे शरीर को गर्म रखते हैं और एनीमिया बीमारी से बचाते हैं। इस तरह से सूखे मेवे इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।
इनकी तासीर गर्म होती है जो शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं। यह पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। सूखे मेवे को अगर भिगोकर खाया जाए तो यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते है और इससे पाचन क्रिया सही रहती है और पानी की कमी को भी पूरा करते हैं। बाजार में सूखे मेवों की खरीदारी जोरों पर हैं। इनकी कीमतें गुणवत्ता के अनुसार बदलती रहती हैं लेकिन इस समय में इनकी औसत दरों में बादाम 800 से 1200रु, अखरोट 400 से 600रु, किशमिश 300 से 400रु, पिस्ता 1000 सेे 3500रु, मखाने 1200 से 1600रु, काजू 900 से 1000रु, मुन्नका 600 से 800रु, छुहारे 200 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम हैं।




अखरोट और पिस्ता की भी मांग

कारोबारी अजय गुप्ता ने बताया कि बादाम और अखरोट कश्मीर व पहाड़ी क्षेत्रों से, काजू और किशमश गोवा, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र से, पिस्ता ईरान और अफगानिस्तान से, छुहारे राजस्थान, गुजरात और सउदी अरब से आयात किए जाते हैं। इसके बाद माल पुरानी दिल्ली के खारीबावड़ी से अधिक मात्रा में थोक में लाया जाता है। इस समय सूखे मेवों की मांग सबसे चरम पर है। इस मौसम में शादी और सर्दी के कारण इनकी मांग 40 प्रतिशत बढ़ जाती है। अखरोट और पिस्ता की इस बार अच्छी मांग देखी जा रही है। लोगों द्वारा सर्दियों में ही सबसे ज्यादा खाएं जाते हैं।
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बीमारियों से करते हैं बचाव

कारोबारी अश्वनि मित्तल ने बताया कि इस समय सूखे मेवों में बादाम, काजू, किशमिश, छुहारों की मांग सबसे ज्यादा है। बादाम कल तक 700 रुपये प्रति किलोग्राम था लेकिन आज ही इसका दाम 800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इनके दाम दिन-प्रतिदिन मांग के हिसाब से घटते बढ़ते रहते हैं। सर्दियां आते ही इनकी मांग में 30 से 40 प्रतिशत इजाफा हुआ है। सूखे मेवों को लोग ज्यादा इसलिए खाते हैं क्योंकि यह सर्दियों में अनेक प्रकार की बीमारियों से बचाते हैं।
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