जिले के लोगों की 40 साल पुरानी मांग पूरी हो ही गई। पिछले साल रेल बजट में स्वीकृत कैथल से दिल्ली तक सीधी रेल सेवा शनिवार सुबह सात बजे से शुरू होगी। सांसद नवीन जिंदल रेल सेवा को कैथल रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
इसके साथ दिल्ली-कुरुक्षेत्र-कैथल के बीच दौड़ेगी डेमू (डीजल इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट्स) ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा। जिले भर के लोगों के लिए खुशहाली का मार्ग खुल गया है।
विकास की दृष्टि से यह रेल सेवा जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। रेल सेवा के साथ-साथ आज ही नए बस अड्डे के निकट नए रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास होगा।
ये रहेगा ट्रेन का शेड्यूल
जिंदल हाउस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल बजट में कैथल से दिल्ली तक सीधी रेल सेवा स्वीकृत हो जाने के बाद जुलाई महीने में जारी नए टाइम टेबल में इस ट्रेन की एंट्री हो गई थी।
इसके मुताबिक यह ट्रेन सुबह कुरुक्षेत्र से साढ़े 4 बजे सुबह चलकर 5.47 बजे आएगी। यह कैथल से सुबह 5.58 चलकर नरवाना, जींद, रोहतक होते हुए सुबह 11.45 बजे पुरानी दिल्ली पहुंचेगी।
पुरानी दिल्ली से यह ट्रेन 4.45 बजे शाम को कैथल के लिए रवाना होगी और यहां रात 10.15 बजे पहुंचेगी। गाड़ी को सप्ताह में एक दिन का ब्रेक दिया गया है। यह गाड़ी शनिवार को कैथल से दिल्ली जाएगी परंतु वापस नहीं आएगी। इस कारण रविवार को कैथल से ट्रेन दिल्ली नहीं जाएगी।
रेलवे स्टेशन जश्न होगा
कैथलवासियों का यह सपना साकार होने की खुशी में शनिवार को रेलवे स्टेशन पर ही बड़ा जश्न होगा। एक नहीं बल्कि दो-दो तोहफे सांसद जिंदल की तरफ से कैथलवासियों को मिलेंगे। दूसरा तोहफा, हुडा हॉल्ट का नया कैथल रेलवे स्टेशन के रूप में शिलान्यास होगा।
जिले के लोगों द्वारा पिछले 40 सालों से सीधी रेलसेवा की मांग की जा रही थी। जिले में रेलवे कल्याण यात्री समिति द्वारा इसके लिए संघर्ष किया जा रहा था।
समिति चेयरमैन सतपाल गुप्ता, प्रधान कर्मचंद जिंदल, बृजलाल मित्तल, बलवंत सिंह जाटान, सीता राम दयौरा, जगरूप ढुल, लाजपतराय सिंगला, अनुराग सिक्का आदि ने इस मांग के पूरा होने पर सांसद नवीन जिंदल, मंत्री रणदीप सुरजेवाला, रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल का आभार प्रकट किया।
जिंदल ने किया लंबा संघर्ष
सांसद नवीन जिंदल ने वर्ष 2004 में सांसद बनने के बाद से लगातार इस ट्रेन सेवा के लिए प्रयास किए। उन्होंने 2005 में ही तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद, उत्तर रेलवे के अधिकारियों, ममता बनर्जी, दिनेश त्रिवेदी, पवन बंसल, सीपी जोशी और मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात का सिलसिला जारी रखा और अंतत: उन्हें कामयाबी मिली। जिंदल लोगों की इस समस्या के समाधान के लिए 16 जून 2005 को रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, 10 दिसंबर 2007 को आरटीआई के तहत उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक से सूचना मांगी, 30 जनवरी 2008 को रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, 15 फरवरी 2008 उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक से मुलाकात, 9 जुलाई 2008 नई दिल्ली के डीआरएम, 16 जुलाई 2009 को रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, 12 जून 2009 को रेलमंत्री ममता बनर्जी, 16 फरवरी 2011 को ममता बनर्जी से फिर मुलाकात, 22 फरवरी 2011 को ममता बनर्जी से फिर मुलाकात, 20 फरवरी 2012 को रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी, 6 फरवरी 2012 को नई दिल्ली के डीआरएम, 9 फरवरी 2012 को नई दिल्ली के डीआरएम, 29 फरवरी 2012 को रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी, 1 मार्च 2012 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, 4 मई 2012 को रेलवे बोर्ड के यातायात सदस्य, 24 जुलाई 2012 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मुलाकात, 30 अक्टूबर 2012 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, 20 दिसंबर 2012 को रेलमंत्री पवन बंसल, 17 जनवरी 2013 को पवन बंसल से की। इसके बाद 26 फरवरी 2013- रेल बजट में कैथल-दिल्ली ट्रेन का ऐलान हुआ। इसके बाद 14 मार्च 2013 कैथल वासियों के साथ पवन बंसल से मुलाकात कर धन्यवाद दिया और एक जुलाई 2013 कैथल-दिल्ली ट्रेन का नई समय सारिणी में प्रवेश किया गया। इसके बाद 4 अक्टूबर 2013 को नार्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक बीके गुप्ता से तथा दिसंबर 2013 में दो बार रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर इस रेलसेवा को शुरू किए जाने की मांग की।
150 की बजाय 35 रुपये में जाएंगे दिल्ली
शहरवासी राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार दिल्ली तक सीधी रेल सेवा की मंजूरी का सीधा फायदा जिले के आम आदमी को होगा। जिसे बस के माध्यम से दिल्ली तक जाने के लिए 150 रुपये खर्च करने पड़ते थे, वही अब रेल सेवा की मंजूरी के बाद दिल्ली के लिए लगभग 35 रुपये में जा सकेंगे।
व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश मित्तल का कहना है कि सीधी रेलसेवा की मंजूरी से पूरे जिले में व्यापारिक क्षेत्र में जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। दिल्ली में सभी प्रकार का सामान सस्ता मिलता है।
व्यापारी एक दिन में जाकर वापस आ सकेंगे। जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। करियाना, कॉस्मेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, औषधीय, स्टेशनरी, होजरी, शू उद्योग, खिलौने, गिफ्ट आइटम, सर्राफा बाजार, मोबाइल उद्योग, कपड़ा, फाऊंड्री, चावल उद्योग सहित छोटे-बड़े सभी दुकानदारों को फायदा मिलेगा।
1890 में बना था कैथल रेलवे स्टेशन
कैथल रेलवे स्टेशन 1890 में बना था। वर्ष 2013 में 123 साल बाद पहला रेल बजट है, जिसमें कैथल का जिक्र आया और रेलमंत्री ने अपने बजट के 99 नंबर प्वाएंट के भाग दो में दिल्ली से कुरुक्षेत्र वाया कैथल तक नई ट्रेन चलाए जाने की घोषणा की। एक सदी से भी ज्यादा समय बाद इस रूट की सुध ली गई है।
यह विकास की राह में एक बड़ा मील का पत्थर है। इसे पूरा करने के लिए वे यूपीए सरकार एवं रेल मंत्रालय का आभार प्रकट करते हैं। इसके लिए सभी को बधाई। कैथल से दिल्ली तक सीधी रेल सेवा शुरू होने से शिक्षा, व्यापार सहित सभी क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।
-रणदीप सुरजेवाला, मंत्री लोक निर्माण एवं उद्योग, हरियाणा
पूरे जिले को मिलेगा फायदा
जिलावासियों को यह सौगात देने के लिए वे यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं रेलवे के उन सभी मंत्रियों, अधिकारियों का आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने मेरे बार-बार आग्रह को स्वीकार किया। मुझे खुशी है कि जिले के लोगों को यह सुविधा मिल सकेगी। सभी को इसके लिए बधाई।
-नवीन जिंदल, सांसद, कुरूक्षेत्र
यह लंबे संघर्ष का मीठा फल है। कई सालों से इसके लिए धरने, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, हस्ताक्षर अभियान सहित ज्ञापन दिए। अब जाकर यह मांग पूरी हुई है। जिस पर प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। पूरे जिलावासियों को इसका लाभ मिलेगा।
सतपाल गुप्ता, चैयरमेन, रेल यात्री कल्याणा समिति
लोगों ने खुशी जताई
आरकेएसडी कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सतीश बंसल ने कहा कि यह एक सराहनीय फैसला है। इससे सभी को फायदा पहुंचेगा। शहरवासी बहादुर सैनी, डा. श्याम साहनी, रूलदू राम, सुरेंद्र रांझा एडवोकेट, बसंत जैन, धर्मपाल ठेकेदार, ओमप्रकाश सैन, अश्वनी कालू शौरेवाला, सुरेंद्र अरोड़ा, सुरेंद्र ग्रोवर, दीपक जोली, सुबोध कक्कड़, नाथु राम सैनी, कांग्रेस संगठन सचिव दिलबाग मोर, जिला परिषद नाजर सिंह दयौरा, नगर परिषद अध्यक्ष राम निवास मित्तल, जग्गी कालड़ा, सुधीर कुमार, संजय कुमार, सुरेश चौधरी ने खुशी जताई है।