मंगलवार को कस्बे के गांव खेड़ी सर्फअली में डिपो होल्डर के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। ग्रामीणों ने इस दौरान डिपो होल्डर के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी कर डिपो होल्डर पर पिछले कई वर्षों से राशन न देने और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। लगभग एक घंटे तक लगे जाम से यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना मिलते ही असंध थाना पुलिस, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कुलदीप सिंह व नायब तहसीलदार हिम्मत सिंह मौके पर पहुंचे व ग्रामीणों को डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
क्या है पूरा मामला
मंगलवार को खेड़ी सर्फअली गांव में ग्रामीणों ने अचानक असंध कैथल मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने इस दौरान डिपो होल्डर के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी कर डिपो होल्डर दिलबाग सिंह पर पिछले कई वर्षों से राशन न देने और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलते ही असंध थाना पुलिस, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कुलदीप सिंह व नायब तहसीलदार हिम्मत सिंह मौके पर पहुंचे व ग्रामीणों को डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीण हरजिंद्र सिंह, सुल्तान, गुरविंद्र, हरदीप, रमेश, अंकित, परमजीत कौर, सिमरन कौर, अमृत कौर और राजदीप कौर आदि ने बताया कि डिपो होल्डर दिलबाग सिंह राशन बांटने में पूरी लापरवाही बरतता है। उन्हें पिछले कई वर्षों से राशन नहीं दिया जा रहा है।
जब उससे राशन के बारे में पूछा जाता है तो वह पीछे से राशन न आने की बात बोलता है। महिलाओं ने डिपो होल्डर पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब डिपो होल्डर से बात की जाती है तो वह महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करता है। महिलाओं ने सोमवार को एसडीएम सुशील मलिक को ज्ञापन सौंप कर डिपो होल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरी में जाम लगाना पड़ा। सभी ग्रामीणों ने उनके राशन बनाने व डिपो होल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया
इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने डिपो होल्डर के खिलाफ राशन न देने व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। अगर डिपो होल्डर पर आरोप साबित होते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिन ग्रामीणों के राशन वाले कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड जल्द ही बनवाये जाएंगे।