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डीसी साहब, कॉलोनी का नाम सुनकर कोई रिश्ते वाला भी नहीं आता

Thu, 15 Sep 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
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डीसी
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करनाल। शहर की अवैध कॉलोनियों में सुविधाएं न होने के कारण बुधवार को लोगों का सब्र टूट गया। बसंत विहार के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार और निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते वक्त महिलाओं का दर्द जुबान पर आया और महिला बबली, ऊषा, कमलेश, सुमन ने कहा कि डीसी साहब, कॉलोनी का नाम सुनकर कोई म्हारे बच्चों के रिश्ते वाला भी नहीं आता। कोई आता है तो कॉलोनी का हाल देखकर वापस लौट जाता है। कॉलोनी के अवैध होने का दंश उनकी संतानों को झेलना पड़ रहा है।
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कॉलोनी को वैध करवाया जाए ताकि बच्चों के रिश्तों के बारे में कुछ सोचा जा सके और ये कॉलोनी जीने के लायक हो सके। महिलाओं ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर इतने दिन में समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन चलाने को मजबूर होंगे। वार्ड नंबर एक के पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन का समर्थन पांच अन्य पार्षदों ने भी किया। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को सीएम तक पहुंचाएंगे और जल्द समाधान की कोशिश करेंगी।
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न पीने का पानी और न ही रास्ता
बसंत विहार कॉलोनी निवासियों का आरोप है कि न तो कॉलोनी में पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही रास्ता है। बरसात के दिनों में गालियों में कीचड़ हो जाने के कारण निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि सीएम मनोहर लाल ने चुनाव के दौरान वायदा किया था कि सबसे पहला काम अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने का किया जाएगा। लेकिन प्रदेश सरकार के दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग को सीएम मनोहर लाल तक पहुंचाएंगे। ज्ञापन देने आए लोगों के साथ नगर निगम के छह पार्षद भी साथ थे, जिनमें डिप्टी मेयर मनोज वधवा, राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह, विनोद तितोरिया, पार्षद कमलेश लाठर के पति रोहताश लाठर, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे। सैकड़ों लोगों ने निगम पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह की अगुवाई में बसंत विहार से लेकर जिला सचिवालय तक प्रदर्शन कर सरकार और निगम के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। कॉलोनी से लेकर आईटीआई चौक से होते हुए सीधे सीएम कैंप आफिस के बाहर से होते हुए लघु सचिवालय तक रोष जुलूस निकाला और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए हुआ था सर्वे
वर्ष 2010 में जिले को नगर निगम में शामिल किया गया था। इसके चलते जून 2013 में निगम पार्षदों के चुनाव करवाए गए थे। इसके बाद नगर निगम के अंतर्गत आने वाली अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए तीन मार्च 2014 को निगम की साधारण बैठक हुई थी। इसमें अधिकारियों और पार्षदों की सहमति से प्रस्ताव नंबर 6 के माध्यम से कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए नाम सहित सरकार को प्रस्ताव भेजने का फैसला लिया था। इस पर निगम ने शहर की 66 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सर्वे भी करवाया। इनमें से 50 कॉलोनियों में वैध होने की सभी शर्त पूर्ण पाई गई और सीएम को फाइल भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक किसी भी कॉलोनी को मंजूरी नहीं मिली।
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सरकार को 50 कॉलोनियों का प्रपोजल
नगर निगम के अधिकारियों और पाषदों ने सहमति से 66 अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाने के बाद 50 कॉलोनियों का प्रपोजल सरकार के पास भेजा था, जोकि वैध होने का लक्ष्य पूरी करती है। इनका प्रपोजल सरकार को भेजा गया है उनमें वसंत विहार, कृष्णा कांप्लेक्स, जीवन विहार, इंदिरा कॉलोनी झंझाड़ी, लोधा गामड़ी, पाम कॉलोनी, एसपी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, ओल्ड दुर्गा नगर, दुर्गा कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, नरेंद्र कॉलोनी, उत्तम कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, पृथ्वी विहार, एमसी कॉलोनी, अशोक विहार, कृष्णा कालोनी, गोपीवाली गामड़ी, विकास नगर, भट्ट कालोनी, लवकुश कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, हकीकत नगर, गप्पु वाला बाग, विजयनगर, सैदपुरा, संजय कॉलोनी, प्रीतमपुरा, आरके पुरम, आरके पुरम पार्ट-2, दयानंद कॉलोनी, रोड़ कॉलोनी, कनिका विहार, सुरज नगर, विकास कॉलोनी, राजीव पुरम, मोती नगर एक्सटेंशन, नालापार, जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी बांसो गेट, मंगल कॉलोनी, डेहा बस्ती, गीता कॉलोनी, न्यू वाल्मीकि कॉलोनी, डिंगाखेड़ा, गुरूनानकपुरा, यमुना विहार और पालनगर है।
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अवैध कॉलोनियों में ये हैं समस्याएं
1. गलियों में लाइटें न लगी होने से हर रोज हो रही चोरियां
2. गली नंबर आठ से आगे पीने के पानी का प्रबंध नहीं है।
3. सीवरेज की सुविधा न होना।
4. पानी निकासी की सुविधा न होना।
5. गंदगी के ढेर लगे रहना।
6. बरसात का पानी खड़ा होने से मच्छरों का अधिक होना।
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दो साल से मिल रहे हैं आश्वासन
सत्यपाल निवासी गली नंबर 8 ने बताया कि कॉलोनी में आठ नंबर गली से आगे पेयजल की सुविधा भी नहीं है। लोग मजबूरी में दूषित जल ही पी रहे हैं। कई बार शिकायत भी दी गई, लेकिन निगम कोई सुनवाई नहीं करता।
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बसंत बिहार कॉलोनी समेत ऐसी दर्जनों कॉलोनियां हैं, जो अवैध होने का दंश झेल रही हैं। अब इस कलंक को मिटाना है। अवैध होने के कारण यहां पर न तो प्रशासन कोई विकास कार्य करा रहा है और न ही नगर निगम। सीएम के नाम ज्ञापन भेज दिया गया है, अगर 15 दिन में कोई परिणाम नहीं आया तो फिर जनता सड़कों पर उतरेगी और अनशन करने से भी नहीं चूकेेंगे। हम लोगों को उनका अधिकार दिलाकर ही दम लेंगे।
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- राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह, पार्षद, वार्ड नंबर एक
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