फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर लगाई लताड़

Tue, 28 Jun 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
विज्ञापन
लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बाढ़ से बचाव को लेकर डीसी मनदीप बराड़ ने सोमवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की।  मीटिंग में डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। इतना नहीं उन्होंने बाढ़ नियंत्रण के कार्यों को पूरा करने के लिए 30 जून तक समय सीमा तय कर दी। ऐेसे में मात्र तीन दिन में अधिकारी बाढ़ से किस प्रकार बचाव करेंगे? ऐसे में इन लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इतना ही नहीं डीसी ने यहां तक कह दिया कि वे लापरवाह अधिकारियों के बारे में एसीएस को पत्र लिखेंगे।
विज्ञापन


डीसी ने कहा कि इंद्री, घरौंडा, करनाल, असंध में संबंधित अधिकारी संभावित बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करें। डीसी ने सिंचाई विभाग, पब्लिक हेल्थ, नगर-निगम के अधिकारियों को कहा कि वे अपने-2 क्षेत्रों में जो ड्रेन्स तथा नालों की सफाई करें किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक में डीसी ने जब इंद्री के सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मुनीष शर्मा से पूछा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में कितना काम हुआ है तो जवाब में उन्होंने कहा कि सभी कार्यों पर पर काम जारी है और जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिंचाई विभाग समय रहते काम नहीं कर रहा है। विभाग द्वारा अब तक काम पूरा क्यों नहीं किया यदि 30 जून तक कुंडाकला, शेरगढ़ टापू तथा घरौंडा क्षेत्र में काम पूरा नहीं हुआ तो इस संदर्भ में विभाग की लापरवाही को लेकर विभाग के एसीएस को भी पत्र लिखा जाएगा।
विज्ञापन


बता दें कि यमुना के साथ लगते क्षेत्र में विभाग द्वारा बाढ़ बचाव को लेकर पूरा काम नहीं किया गया है, ऐसे में इन गांवों में बाढ़ का खतरा है। इस अवसर पर आईएस प्रीति, करनाल के एसडीएम योगेश कुमार, इन्द्री के एसडीएम अश्विनी मलिक, असन्ध के एसडीएम सुशीश मलिक, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डीएफएससी निशांत राठी, ईओएमसी धीरज कुमार, सभी बीडीपीओज, तहसीलदार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

इन गांवों में है बाढ़ का खतरा
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी राजबीर सिंह धीमान ने बताया कि इंद्री में दस गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र हैं। इनमें जपती छपरा, सयद छपरा, हलवाना, नगला, कमालपुर गडरियान, नबीयाबाद, चंद्राव, गढ़पुर टापू, खुखनी व हंसू माजरा शामिल हैं। अगर इन क्षेत्रों में कोई समस्या आती है तो ग्रामवासियों के लिए ब्याना, इंद्री अनाज मंडी का शैड और गढ़ी बीरबल गांव को सुरक्षित स्थान के लिए आरक्षित किया जाए जबकि करनाल के 19 गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र में आते हैं, इनमें शेरगढ़ टापू, जड़ौली, मोहिदिनपुर, नलवी खुर्द, कुंडाकला, नसीरपुर, डबरकीपार, नलवी पार, डबरकी, नलवी कला, चुंडीपुर, मुस्तफाबाद, मंगलौरा, डाकवाला, अंधेरा दिलावरा, नबीपुर, खीराजपुर, महम्मदपुर और डबकोली खुर्द शामिल हैं। इसके अलावा घरौंडा के 6 गांवों बाढ़ संभावित क्षेत्र हैं इनमें मुंडोगढ़ी, सदरपुर, पीरबड़ोली, लालूपुरा, गड़ी भरल, बलेड़ा व शेरगढ़ टापू शामिल हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें