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गांव बड़ौता की बेटी संजू ने आगरा में जीता रजत, इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिये कैंप में हुआ चयन

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सीनियर नेशनल महिला कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रौशन करने वाली बड़ौता गांव की संजू की नजर अब टोकियो में होने वाली ओलंपिक प्रतियोगिता के गोल्ड पर है। फिलहाल संजू ने 59 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया है। इसके बाद उसका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण और कुश्ती संघ की ओर से राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हुआ है, जो पांच फरवरी से लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में संजू ने बताया कि बड़ी बहनों से प्रभावित होकर उसने कुश्ती को अपनाया है और अब ओलंपिक में गोल्ड जीतना उसका लक्ष्य है।
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गांव बड़ौता की बेटी संजू ने 29-30 जनवरी को आगरा में आयोजित सीनियर नेशनल महिला कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर जिले और प्रदेश की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। संजू की दो बड़ी बहनें भी नेशनल और इंटरनेशनल पहलवान हैं। सबसे बड़ी बहन प्रियता ने नेशनल में कई मेडल प्राप्त किये हैं। वहीं सृष्टि ने आठ नेशनल मेडल जीते हैं और इंटरनेशनल स्तर पर भी मेडल प्राप्त किया है। वर्ष 2019 में अपने खेलों के दम पर ही सृष्टि का आईटीबीपी में चयन हुआ था और पिछले वर्ष मधुबन में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गेम में मेडल प्राप्त किया था। संजू के पिता बिजेंद्र गांव बड़ौता में गरीब परिवार से संबंध रखते हैं, जो खेतीबाड़ी का काम करते हैं। घर में तीन बेटी और दो छोटे बेटे हैं। पिता ने बताया कि महावीर फौगाट की तरह उन्होंने भी अपनी तीनों बेटियों को कुश्ती के मैदान में उतारा। बेटियों ने अपनी प्रतिभा साबित की तो समाज में उनका सिर भी ऊंचा हुआ है। बहनों में सबसे छोटी संजू फिलहाल भारतीय खेल प्राधिकरण और कुश्ती संघ की ओर से लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में तैयारी कर रही है। बहन सृष्टि को भी उम्मीद है कि जो उपलब्धि अब तक वो हासिल नहीं कर सकी हैं, संजू उसे साकार करेगी। विदित हो कि आगामी जून-जुलाई में जापान के टोकियो में अगला ओलंपिक होने वाला है, जिसमें संजू भी दम दिखाने के लिए अभी से तैयारी कर रही है।
ये हैं संजू की उपलब्धियां
संजू ने 38 किलोग्राम में गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय राजीव गांधी खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण, इंटरनेशनल कैडेट्स चैंपियनशिप में ब्रांज, 2018 स्कूली गेम में गोल्ड, पुणे में गोल्ड, एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड प्राप्त किये हैं। इसके अलावा संजू ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के 46 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रांस जीता था।
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गांव के अखाड़े में करती है अभ्यास
कोच हरीश और सोनू ने बताया कि गांव बड़ौता के अखाड़े में आसपास के करीब 70 लड़के और लड़कियां कुश्ती का अभ्यास करते आते हैं। प्रियता, सृष्टि और संजू भी गांव के इसी अखाड़े में अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि गांव के इस अखाड़े से कई लड़कियों ने इंटरनेशनल पटल पर गांव, जिले और देश का नाम रोशन किया है।
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