माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। साइबर ठगों ने जिले के छह लोगों को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खातों से करीब 15.73 लाख रुपये निकाल लिए हैं। साइबर थाना पुलिस ने पुलिस ने मामले दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
दो मामलों में आरोपियों ने एनसीसी अधिकारी बनकर दो दूध डेयरी संचालकों से अपने जाल में फंसाया। उन्हें दूध का ऑर्डर देकर भुगतान के लिए एक मामले में लिंक भेजकर उस पर क्लिक कराया और दूसरे में गूगल पे की स्क्रिन शेयर कराई। इसके अलावा लोन दिलाने के नाम पर युवक, निवेश मे मोटे मुनाफे का झांसा देकर युवती और क्रेडिट कार्ड आवेदन के नाम पर पूर्व कर्मचारी को अपने जाल में फंसाया। वहीं साइबर एक्सपर्ट का कहना है अपराध होने के 24 घंटे में सूचना देने पर गंवाई गई रकम को बचाया जा सकता है।
दूध की आपूर्ति के लिए कटवाए कई चक्कर
पुलिस को दी शिकायत में रोड कॉलोनी निवासी सुमित चौधरी ने बताया कि वे डेयरी फार्म चलाते हैं। उनके पास एक कॉल आया, जिसमें व्यक्ति ने खुद को एनसीसी का अधिकारी बताया। आरोपी ने उनसे 40 लीटर दूध की मांग। उन्होंने अपने भाइयों को दूध की डिलिवरी करने के लिए भेज दिया। जिस पते पर आरोपी ने बुलाया था, वो वहां नहीं मिला। कॉल पर बात करके इधर-उधर चक्कर कटवाता रहा। इसके बाद आरोपी को उन्हें कॉल करके कहा कि कप्तान रावत कॉल करेंगे। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से कॉल आया और आरोपी ने खुद को कप्तान रावत बताते हुए कहा कि ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इसके लिए उन्हें वीडियो कॉल पर लेकर गूगल पे की स्क्रिन सांझा कराई। उन्होंने जैसे ही स्क्रिन शेयर की, इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 369792 रुपये कट गए।
लिंक पर क्लिक करते ही कट गए 97 हजार रुपये
पुलिस को दी शिकायत में न्यू चार चमन निवासी सपर्श कामरा ने बताया कि उनकी दूध की दुकान है। उनके पास अनिल कुमार का कॉल आया। जिसने खुद को सेना का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि उन्हें रोजाना 40 किलो दूध चाहिए। नंबर-7 एनसीसी बीएन के सेक्टर-6 कार्यालय में दूध देने का पता बताया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें उनका बैंक खाता सत्यापित करने के नाम पर एक लिंक भेजा। जिसे ओपन करने के बाद उनके बैंक खाते से कुल चार बार में 97 हजार रुपये कट गए।
नाम पूछा और खाते से कटे 2.69 लाख रुपये
पुलिस को दी शिकायत में असंध निवासी नवनीत कौर ने बताया कि उनके पास सात अप्रैल को 9205834284 नंबर से कॉल आया था। इस दौरान आरोपी ने उनसे केवल नाम पूछकर कॉल काट दी। इसके बाद उनके एचडीएफसी बैंक खाते से रुपये कट गए। इसका पता उन्हें तब चला जब वे बैंक खाते में राशि चेक करने गई। सात से 10 अप्रैल तक उनके खाते से कुल 269240 रुपये कटे।
ऋण के नाम पर खाते से निकाले 27774 रुपये
पुलिस को दी शिकायत में असंध के वार्ड-2 निवासी अजीत कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर 9038047392 और 9564852550 नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को धनीफिन डॉट एप का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की फोटो मांगी। उसने कहा कि आप 2199 रुपये भेज दो, आपका दो लाख रुपये का लोन हो जाएगा। आरोपी ने उसने कुल चार ट्रांजेक्शन में 27774 रुपये ले लिए।
क्रेडिट कार्ड के बहाने निकाले 3.55 लाख रुपये
पुलिस को दी शिकायत में बसंत विहार निवासी प्रभुदत्त शर्मा ने बताया कि 12 मई को उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा का एक्स सर्विसमैन के लिए क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन फार्म भरा था। अगले दिन उनके पास 9034191678 नंबर से कॉल आया और उनसे क्रेडिट कार्ड के लिए जानकारी मांग इर्ग। इसके बाद आरोपी ने उनके मोबाइल की स्क्रिन शेयर कराते हुए क्रेडिट कार्ड संबंधित अन्य जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि छह घंटे में आपक क्रेडिट कार्ड बन जाएगा और चार दिन में घर पर पहुंचेगा। आरोपी ने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं है। केवल अपना एंप्लाई नंबर शेयर करें, बाकि डिटेल इसी से दर्ज कर ली जाएगी। इसके बाद शाम करीब सवा चार बजे उनके पास बैंक खाते से रुपये कटने का मैसेज आया। छह ट्रांजेक्शन में 3.55 लाख रुपये कट गए।
अधिक मुनाफे का झांसा देकर युवती से 4.55 लाख ठगे
पुलिस को दी शिकायत में विकास कॉलोनी निवासी रिंकल ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले उसे एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोग मौजूद थे। शुरुआत में उसे छोटी-मोटी कमाई कराई गई, जिससे उसका भरोसा जीता। इसके बाद आरोपियों ने वेबसाइट (www.ratefin-investments.com) पर खाता खोलने के लिए कहा। इसके बाद बैंक खातों और यूपीआई आईडी के माध्यम से 4.55 लाख रुपये जमा करवाए। जब उसने अपनी जमा राशि को निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने खाता एक्टिवेट करने के नाम पर और राशि मांगी। जब रिंकल ने और पैसा देने से मना किया तो आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। पीड़िता ने अपनी और अपनी मां के बैंक खातों से हुए सभी लेनदेन की जानकारी भी पुलिस को सौंपी है।