साइबर मामलों को लेकर हरियाणा पुलिस अकादमी में दो सप्ताह का अंतर्राज्यीय
प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। पुलिस अनुसंधान एवं विकास
ब्यूरो नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी के
निदेशक केके सिंधु, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की ओर से 7 सितंबर को किया
गया था।
इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 23
प्रतिभागियों ने भाग लिया। समापन के अवसर पर अकादमी के संयुक्त निदेशक
राजबीर सिंह देसवाल ने प्रशिक्षण में भाग लेने वालों को प्रमाणपत्र प्रदान
किए। देसवाल ने कहा कि आने वाला जमाना इंटरनेट का है। आमतौर पर पचास की
उम्र पार करने वाले यह समझते हैं कि उन्हें कंप्यूटर सीखने का समय और जरूरत
दोनों नहीं है, पर उन्हें याद रहना चाहिए की जिंदगी की भागदौड़ में उम्र
के इस पड़ाव के बाद कंप्यूटर ही उनका सच्चा साथी होगा।
देसवाल ने कहा कि
समाज में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग से इसके फायदों के साथ नुकसान भी हो सकते
हैं। साइबर अपराधियों से समाज की सुरक्षा करना पुलिस के लिए चुनौती है।
साइबर के जरिये लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों को पकड़ना पुलिस
का दायित्व है।
अकादमी के जिला न्यायवादी शशिकांत शर्मा ने बताया कि इस
कार्यक्रम में रोहतक के पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद, केंद्रीय गुप्तचर
प्रशिक्षण विद्यालय, चंडीगढ़ के साइबर विशेषज्ञ गुरचरण सिंह, आईसीआईसीआई
बैंक के मनप्रीत सिंह, हरियाणा पुलिस अकादमी के जिला न्यायवादी शशिकांत
शर्मा जिला, अकादमी साइबर प्रशिक्षण केंद्र के सचिव नागपाल, धर्मचंद,
अंबाला साइबर लैब प्रभारी विरेंद्र वालिया ने प्रतिभागियों को साइबर, सूचना
तकनीक कानून, नेटवर्किंग, ई-मेल, हैकिंग, फिशिंग, डिजिटल साक्ष्य, डिजिटल
हस्ताक्षर, क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग एवं उससे जुड़े
अपराधों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में रुचि प्रदर्शित
करते हुए जम्मू व कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षक सबज्जार अहमद ने प्रथम,
हरियाणा पुलिस के निरीक्षक ओमपाल ने द्वितीय और सहायक उप निरीक्षक भुवन ने
तृतीय स्थान प्राप्त किया।