फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना से सटे 12 गांवों की फसलें जलमग्न

विज्ञापन
इंद्री यमुना नदी का पानी आने से जलमग्न खेत।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

घरौंडा/इंद्री (करनाल)। हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए दो लाख क्यूसिक पानी का असर यमुना के साथ लगते गांवों पर भी पड़ने लगा है। घरौंडा और इंद्री खंड में यमुना के आसपास के खेतों में पानी भर गया है। इन दोनों खंडों के 12 से ज्यादा गांवों के खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। जिससे करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन पर फसलें खराब होने का अनुमान है।
ट्यूबवेल डूब चुके हैं। अलर्ट जारी होते ही एहतियातन वीरवार रात को कई किसानों ने मोटरें उतार ली थी। वहीं जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से बचाव के प्रयास भी किए जा रहे हैं। घरौंडा क्षेत्र के गांव मंगलौरा, सदरपूर, देवीपूर, लालुपूरा व मुंडोगढ़ी व अन्य और इंद्री क्षेत्र के गांव कलसौरा, चंद्राव, चौगांवा, गढ़पुर टापू, नगली और डबकौली खुर्द में अलर्ट जारी किया गया है। यहां की फसलों को पानी ने अपने आगोश में ले लिया है। घरौंडा में सब्जियां और गन्ने की फसल व इंद्री क्षेत्र के गांवों में धान की फसल पानी में डूबी है।
विज्ञापन

तटबंध पर सिंचाई विभाग की नजरें
यमुना में पानी आने से घरौंडा खंड के जम्मुखला, कुंडा कलां व लालूपुरा घाट पर बने तटबंध पर सिंचाई विभाग नजर बनाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यमुना में स्टड बनाने का कार्य पिछले दो साल से चल रहा है। जिससे तट बंध को किसी प्रकार का खतरा न होने की उम्मीद है। फिर भी हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।
विज्ञापन

यमुना में लगभग दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। पानी से अभी तक ग्रामीण रिहायशी क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है। स्टड भी मजबूत हैं। दो साल से इन्हें बनाने का कार्य चल रहा है। शनिवार को पानी कम होने की संभावना है।
- नवतेज सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें