बेमौसमी बारिश के कारण गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है। दो दिन से लगातार बारशि व तेज हवा के कारण खेतों में बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों में मायूसी है। बड़े स्तर पर उत्पादन में गिरावट होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस स्थिति ने न केवल किसानों बल्कि वैज्ञानिकों को भी चिंतित कर दिया है। आगामी दो दिन और बारिश के आसार हैं। जिले में वीरवार को 23.0 एमएम बरसात हुई और 5.8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चली। शुक्रवार को भी बारिश हुई, दोपहर तक 16.7 एमएम वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार दोपहर औसतन 15.5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चली। इससे गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। गेहूं के खेतों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है। जिले में करीब 1.70 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो किसानों के आगे कई गंभीर संकट होगा।
शहर में कई स्थानों पर जलभराव
सुबह की शुरुआत बूंदाबांदी से हुई, लेकिन दोपहर के समय तेज हवा चलने के बाद मौसम साफ हो गया। शाम को फिर से घने बादल छा गए। शाम को फिर झमाझम बरसात होने से जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर में कई जगह सड़कें जलमग्न हो गई। शहर के बस स्टैंड, शहर के बाजार, आईटीआई चौक, बलड़ी चौक पर पानी जमा हो गया।
किसानों ने विभाग को नहीं दी सूचना
कृषि विभाग के तकनीकी अधिकारी डा. रतन सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल गिरने बाबत फिलहाल सर्वे के कोई आदेश नहीं हैं। तेज हवा चलने से फसल को नुकसान होता है। अभी किसी किसान की तरफ से फसल खराब होने संबंधी कोई सूचना नहीं दी गई है। तेज हवा से नुकसान का मामला मुआवजे की श्रेणी में नहीं आता। सर्वे के आदेश राजस्व विभाग को आते हैं।
हार्टीकल्चर फार्मर्स प्रोड्यूसर्स किसान समूह के वाइस चेयरमैन डा. एसपी तोमर ने कहा कि इस मौसम का फसल पर जबरदस्त असर होगा। उन्होंने खेतों में जांच की है। काफी नुकसान हुआ है। बड़े स्तर गेहूं की फसल गिर गई है। इन दिनों फसल में दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में प्रकृति की मार से उत्पादन पर असर पड़ेगा।
आगे यह रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार सात मार्च को भी बादल छाने व बारिश की संभावना है। आठ व नौ मार्च को मौसम साफ रहेगा। उसके बाद दस मार्च को भी बादल, हल्की बूंदें पड़ सकती हैं। 11 व 12 मार्च को भी बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 96 प्रतिशत व वाष्प दाब 12.2 एमएम रहा।
वैज्ञानिक बोले-बारिश से नुकसान
गेहूं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बारिश ज्यादा है, इससे गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है। अगर बारिश और आती है तो नुकसान का प्रतिशत बढ़ सकता है। किसानों को सलाह है कि गेहूं की फसल से पानी की निकासी करें, ताकि हवा चलने पर फसल गिरे नहीं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डा. अनुज कुमार का कहना है कि बेमौसमी बरसात से चिंता बढ़ी है। फिलहाल फसल ज्यादा नहीं गिरी। हवा चलने से नुकसान की संभावना बनती है। मौसम साफ होने पर फसलों की स्थिति का पता चलेगा।