दुर्घटना में छात्र कशिश बजाज बेशक दुनिया को अलविदा कहा गया लेकिन मरने के बाद भी उसकी आंखें दुनिया देखेंगी। क्योंकि कशिश बजाज के परिजनों ने कशिश की आंखें माधव नेत्र बैंक को दान कर दी हैं। दुख की इस घड़ी में परिजन बदहवाश हैं, सभी के मुंह से एक ही शब्द निकलता है कि अभी तो कशिश को दुनिया देखनी थी, बस इसी कारण परिजनों ने कशिश की आंखें दान कर दी, ताकि बेटे के जाने के बाद भी उसकी आंखें दुनिया देख सकें। कशिश बजाज की बुआ के लड़के कुनाल ने बताया कि कशिश के परिजनों ने कशिश की आंखें दान कर दी हैं, ताकि उसकी आंखें इस जहान को यूं ही देखती रहे, जिस प्रकार कशिश देखता था।
शनिवार देर शाम निर्माणाधीन स्मार्ट सड़क पर ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो छात्र कशिश बजाज (22) वासी राजीव कालोनी व सूरज (19) वासी सुभाष कॉलोनी की मौत हो गई, जबकि तीसरा छात्र पुलकित कालड़ा (18) वासी प्रेमनगर घायल हो गए। मरने वाले दोनों छात्र अपने मां बाप के इकलौते थे, जो इस दुनिया को छोड़ चले और उनकी यादों को याद करके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस जांच अधिकारी शिव चरण ने बताया कि रविवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए हैं। ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों छात्रों का संस्कार रविवार को किया गया।
एनडीआरआई में घूमकर वापस जा रहे थे घर
हादसे में मारे गए दोनों छात्र दोस्त थे। शाम को टहलना उनकी दिनचर्या बन गई थी। वह रोजाना की तरह एनडीआरआई में घूमकर वापस जा रहे थे कि सदर थाना के सामने ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया। इसमें कशिश बजाज और सूरज की मौत हो गई जबकि पुलकित घायल हो गया। हादसे में दोनों छात्रों की मौत का दुख पूरे शहर को है। हर कोई एक ही बात दोहरा रहा है कि यदि इनके पास हेल्मेट होता तो शायद इनका बचाव रह जाता, लेकिन नम आंखों से कुछ परिजन कहते रहे कि भगवान ने इनमें इतनी ही सांसे डाली थी।
निर्माणाधीन सड़क पर रोजाना हो रहे हैं हादसे
स्मार्ट सड़क का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। शनिवार को दो छात्र इस टूटी सड़क के कारण हादसे का शिकार हो गए। इससे पहले भी रोडवेज बस के नीचे बाइक सवार घुस चुके हैं। महीने भर से इस सड़क को उखाड़ दिया गया है और पत्थर बिखरे हुए हैं, जो दो पहिया वाहनों का संतुलन बिगाड़ रही है। भारी वाहनों से पत्थर उछल छोटे वाहन चालकों को लग रहे हैं। इस तरह की शिकायत नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों को की जा चुकी है, लेकिन सड़क निर्माण कार्य को गति नहीं दी जा रही है। इससे लोगों में रोष बढ़ रहा है।