जिम संचालक नरेश, शराब ठेकेदार गुलाब और राजेश समेत सातों युवकों का पीछा मौत काफी दूर से कर रही थी। बदमाशों को शहर में ऐसी कोई जगह नहीं मिली, जहां पर वे वारदात को अंजाम दे सकें। बदमाशों के पास गाड़ी में सवार युवकों की पल-पल की लोकेशन थी और उनके बारे में यह भी पता था कि उनके पास हथियार नहीं हैं। हमलावरों को पता था कि सातों युवक रामदेव कालोनी में एक शादी समारोह में शामिल होने जाएंगे। यह बात भी सामने आई है कि जिम संचालक के अन्य दोस्त दूसरी गाड़ी से पीछे आ रहे थे, लेकिन सड़क खराब होने के कारण वे पीछे रह गए। बदमाशों गाड़ी आगे निकाल कर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। तिहरे हत्याकांड से शहर में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शवों का पोस्टमार्टम शुक्रवार को होगा।
जानकारी के अनुसार, वीरवार दोपहर को सातों युवक पहले गांव बस्तली में हुए एक शादी समारोह में हिस्सा लेकर करनाल की तरफ आ रहे थे। यहां उन्हें एक शादी समारोह में शामिल होना था। एक गाड़ी में नरेश समेत सात युवक सवार थे, जबकि उनके पीछे ही उनके अन्य साथी दूसरी गाड़ी से आ रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों को पहले से ही उनकी हर लोकेशन की जानकारी थी। जैसे ही वे हांसी रोड से होते हुए ब्रह्मानंद चौक की तरफ मुड़े तो उनके पीछे ही चल रही बदमाशों की इनोवा ने उनकी गाड़ी को क्रास कर लिया और गाड़ी को आगे अड़ा लिया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो बाइकों पर भी हथियारबंद सवार थे और युवकों को न आगे जाने का मौका दिया और न ही पीछे हटने का।
वहीं, नरेश के दोस्त भी सड़क खराब होने के कारण पीछे रह गए। ऐसे में मौका मिलते ही चंद सेकेंडों में ही बदमाश गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि हमलावरों के पास गाड़ी में सवार सभी युवकों की पूरी जानकारी थी और पूरी लोकेशन भी। बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। उधर, मृतकों के साथियों का कहना है कि नरेश व अन्य अपने लाइसेंसी रिवाल्वर को साथ रखते थे, लेकिन शादियों में हवाई फायर बंद करने के फैसले के चलते युवक इस बार हथियारों से लैस नहीं थे और इसी का फायदा हमलावरों ने उठाया। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों के पास इस बात की भी पुख्ता जानकारी थी कि उनके पास गाड़ी में हथियार नहीं हैं।
गाड़ी में सुराख और खून ही खून
फॉर्च्युनर गाड़ी में गोलियों के निशान ही निशान हैं। अगले शीशे पर दर्जन भर से ज्यादा सुराख हैं, वहीं गाड़ी के अंदर की सीटों में भी गोलियां लगी हुई हैं। गाड़ी पर करीब 50 फायर किए गए। पुलिस ने मौके से कुछ कारतूसों के खोल भी बरामद किए हैं। वहीं गाड़ी में खून ही खून नजर आ रहा है। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया है। पुलिस को आशंका है कि यह मामला गैंगवार और पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है।
गोलियों की गड़गड़ाहट से खाली हो गई सड़क
जिस समय हमला हुआ, उस समय सड़क पर कई गाड़ियां गुजर रहीं थीं और आसपास लोग भी मौजूद थे, लेकिन जैसे ही अंधाधुंध गोलियां चलीं तो सड़क खाली हो गई और लोग छुप गए। पास ही चल रहे शादी समारोह में जैसी ही गोलियों की आवाज सुनी तो लोग घटनस्थल की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक बदमाश अपना काम कर चुके थे।
अभी अनसुलझे हैं कई सवाल?
वारदात के बाद मामले में कई सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, पुलिस भी कई पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अभी हत्या के कारणों का सही-सही और पुख्ता खुलासा नहीं हुआ है और न ही हत्यारोपियों के बारे में कोई जानकारी मिल पाई है। परिजनों ने जरूर कप्तान व अन्य पर शक जताया है। सबसे अहम सवाल यह है कि तिहरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड कौन है? हत्या के पीछे कारण क्या रहे और किन लोगों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है? गाड़ी में सवार युवकों की पूरी लोकेशन किसने दी? आखिर दोनों पक्षों के बीच विवाद की जड़ क्या है?