विकास भवन में विकास निधि की बैठक ले रहे सीएम से मिलने पहुंची एक गैंगरेप प्रयास की पीड़िता को पुलिस ने सीएम तक जाने से रोक लिया। एक बार नहीं कई बार, युवती को देखकर सीएम ने खुद उसे पास बुलाया और उसका दुखड़ा सुना। मुख्यमंत्री ने तुरंत एसपी पंकज नैन को आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के सामने ही पुलिस पीड़ितों को पकड़कर ले जाने लगी तो सीएम की नजर पीड़िता पर पड़ गई। सीएम ने इसे गंभीर मामला समझते हुए और लंबे समय से आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अफसोस जताया।
पीड़िता मुख्यमंत्री मनोहर लाल से गैंगरेप का प्रयास करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विकास भवन में मिलने पहुंची। पुलिस कर्मियों ने उसे बीच में रोककर उसको पकड़कर ले जाने लगे तो शोर शराबा बढ़ गया। मुख्यमंत्री ने पीड़िता से बातचीत की और उसकी समस्या को समझा। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में उसका पिता पंप ऑपरेटर के तौर पर काम करता था।
खेड़ी मानसिंह के एक व्यक्ति की यहां पर पोस्टिंग कर दी गई। इसी व्यक्ति के कहने पर अज्ञात चार लड़कों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ गैंगरेप का प्रयास किया। मामले की शिकायत एसपी व डीसी से शिकायत की थी। पीड़िता ने कहा कि मामले में 40 दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर समझते हुए एसपी पंकज नैन को निर्देश दिए कि मामले की जांच कर आरोपियों को बक्शा न जाए।