हरियाणा के करनाल जिले में पांच एटीएम के 86 लाख रुपये गबन करने वाला मुख्य आरोपी विजय अपने साथी संग 12 नवंबर को विदेश भाग गया है। वहीं सीआईए-टू की टीम ने मुख्य आरोपी के पिता समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया। अब पुलिस मुख्य आरोपी और उसके साथी को इंटरपोल की मदद से विदेश से करनाल लाने की तैयारी में जुटी है।
बता दें कि आरोपी विजय सीएमएस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड में संरक्षक के पद पर तैनात था। यह कंपनी एटीएम में रुपये भरने का काम करती है। करीब 14 साल से नौकरी कर रहे आरोपी विजय ने एटीएम से रकम गबन करने की योजना बनाई और 10 नवंबर को पांच एटीएम में रुपये डालने के दौरान 86 लाख रुपये हड़प लिए थे। आरोपी ने गबन की गई रकम महिपाल नगर निवासी अपने दोस्त संजू के पास रखी थी।
बताया जाता है कि 12 नवंबर को आरोपी विजय अपने दोस्त संजू को लेकर संयुक्त अरब अमीरात चला गया। आरोपियों ने बाद में 40 लाख रुपये संजू के नौकर रवि के पास रखे थे। नोटों से भरा बैग रखने के लिए रवि को दो लाख रुपये दिए गए थे। आरोपी विजय के चाचा राजकुमार ने रवि के पास से बैग लिया और इसमें से 24 लाख रुपये एक आढ़ती के पास रख दिए थे।
ताकि डॉन्की के माध्यम से विदेश जाने के बाद एजेंट को उसका भुगतान किया जा सके। बाकी रकम राजकुमार, विजय के पिता धर्म सिंह व मौसा रमेश ने बांट ली। सबसे पहले पुलिस ने संजू के नौकर रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसने मामले का खुलासा करते हुए बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी दी। आरोपियों के कब्जे से 40 लाख रुपये बरामद किए गए।
साथी को काम के बहाने दूसरी जगह भेजा और अपने पास रख लिए रुपये
सीआई-टू प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि वैन पर दो संरक्षक एटीएम में रकम डालने के लिए रखे हुए थे। जिनको शहर के एटीएम में रकम डालने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रकम डालने के लिए दोनों संरक्षकों के मोबाइल पर कोड आता है। दोनों के कोड की मिलान होने के बाद ही एटीएम खुलता है। आरोपी विजय ने अपने साथी सुशील से कोड लेने के बाद उसे काम के बहाने भेज दिया। जिसके बाद 86 लाख चार हजार रुपये की नकदी बैग में भरकर ले गया था।