स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फूंसगढ़ रोड स्थित झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक
पर छापेमारी कर भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं बरामद कीं। इन दवाओं में
शेड्यूल एच-1 दवाएं भी बरामद हुईं। यह एंटीबायोटिक दवाएं होती हैं। यदि
इनका अनियंत्रित प्रयोग किया जाए तो यह विकार भी पैदा कर सकती हैं।
विभाग
की इस टीम की कार्रवाई से शहर में दिनभर हड़कंप मचा रहा। स्वास्थ्य विभाग
की यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त रखी गई। खुद स्वास्थ्य विभाग के अन्य
आलाधिकारियों को इस कार्रवाई की खबर नहीं लगने दी गई। दरअसल स्वास्थ्य
विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि फूंसगढ़ रोड स्थित राजीवपुरम में झोलाछाप
डॉक्टर धड़ल्ले से अंग्रेजी दवाएं बेच रहा है।
मरीजों की जान से खिलवाड़
किया जा रहा है। इसके बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र व ड्रग कंट्रोल
अधिकारी गुरशरण सिंह की टीम दोपहर 12 बजे राजीवपुरम गली नंबर 3 में झोलाछाप
डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंची। इस दौरान टीम ने छापामारी करते हुए 35
विभिन्न प्रकार की दवाइयों का जखीरा बरामद किया। सभी दवाएं थोक के भाव पर
क्लीनिक में रखी गई थी। वीरवार को ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने सभी दवाइयों को
कोर्ट में पेश कर ड्रग एक्ट के तहत केस दायर कराया।
तीन दवाओं के सैंपल लैबोरेटरी में भेजे
इस
दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए
लैबोरेटरी भेजे दिया व सभी को ड्रग एक्ट के तहत अपने नियंत्रण में ले लिया।
पूरे मामले की कराई गई वीडियोग्राफी
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग
की टीम ने झोलाछाप डॉक्टर पर शिकंजा कसने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई।
परिवार कल्याण विभाग के सुलेख चंद ने इसमें सहयोग किया।
टीम की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। ड्रग कंट्रोल अधिकारी गुरशरण के साथ मिलकर टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
डॉ. राजेंद्र, डिप्टी सीएमओ करनाल
दवाओं
को हमने कस्टडी में लेकर ड्रग एक्ट के तहत वीरवार को कोर्ट में पेशकर केस
दायर करा दिया है। इस दौरान शेड्यूल एच-1 किस्म की दवाएं बरामद की गई हैं।
गुरशरण, ड्रग कंट्रोल अधिकारी, करनाल।