हरियाणा के करनाल के सराफा बाजार निवासी मोनू वर्मा की अमेरिका में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है। मोनू करीब ढाई वर्ष पहले ही डंकी से अमेरिका गया था। वहां वह डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था। मोनू के पिता पवन कुमार वर्मा ने बताया कि उसका बेटा अमेरिका में उसका बेटा मोनू वर्मा डेल्फिया सीटी न्यूयॉर्क में रहकर डोर डेस्क का काम करता था।
बीते शुक्रवार की रात 12 जुलाई को करीब 10 बजे उन्हें पता चला कि उसका बेटा मोनू वर्मा रात के समय काम कर डेल्फिया सीटी न्यूयॉर्क अमेरिका में आ रहा था। उसके साथ पांच व्यक्ति थे जो एक कार में सवार थे। इस दौरान उनकी कार पर किसी ने गोलियां चला दी। जिस कारण सभी की मौत हो गई। उनके बेटे की भी गोली लगने से जान चली गई।
मृतक मोनू वर्मा के भाई सोनू वर्मा ने बताया कि वे पांच भाई बहन है। जिसमें तीन बहनें और दो भाई हैं। मोनू सबसे छोटा था और सबका लाडला था। मोनू सोनू से उम्र में 12 साल छोटा था। मोनू के भाई सोनू ने बताया कि पहले वह पुर्तगाल में गया था और वहां पर पक्का हो चुका था, उसके बाद वह अमेरिका चला गया था। अमेरिका में हर दिन कोई न कोई आपराधिक घटना घटती रहती थी।
जिसके चलते उन्हें हर समय मोनू के हित को लेकर डर सताता रहता था। आखिरकार उन्हें इस डर को मोनू वर्मा की मौत के रूप में झेलना पड़ा। इस डर के साये ने उनसे उसके छोटे भाई को छीन लिया। मृतक मोनू के पिता ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि मृतक के परिवार के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार शव भारत में लाए।