अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। शहर के पूर्व में बरसत रोड के साथ लगती कस्टोडियन की भूमि पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। कब्जाधारियों ने उपमंडल अधिकारियों के नाक के नीचे सरकारी भूमि पर न सिर्फ कब्जा किया बल्कि दुकानें और मकान तक बना दिए। आलम यह है कि करीब पांच एकड़ की सरकारी भूमि का एक इंच भी अब शेष नहीं बचा है। शहरवासी कई बार इन अवैध कब्जों के बारे में अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके प्रशासन आंख मूंद कर तमाशबीन बना है।
शहर में सरकारी भूमि उपलब्ध न होने के कारण शहर के विकास के कई प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सके और कुछ योजनाओं को मजबूरन शहर से दूर शिफ्ट करना पड़ा है। हाइवे की पूर्वी दिशा में रिहायशी इलाका बढ़ने से यहां सरकारी पाठशाला बनाए जाने की डिमांड कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन पाठशाला बनाने के लिए भूमि उपलब्ध न होने के कारण यहां मामला अधर में लटका हुआ है।
भू-माफिया ने बेच डाली सरकारी भूमि
प्रशासन के लापरवाह रवैये से यहां सक्रीय हुए भूमाफिया ने सरकारी भूमि पर दुकानें बना कर बेच दीं। वार्ड सोलह के पार्षद कुलदीप राणा ने बताया कि नगरपालिका अधिकारियों की संलिप्ता के चलते इस सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है। कस्टोडियन विभाग की जमीन का बड़ा हिस्सा अवैध कब्जाधारियों के शिकंजे में है। इस सरकारी जमीन पर नजरे गड़ाये बैठा भू माफिया सुनियोजित प्लानिंग के जरिये कस्टोडियन की इंच-इंच भूमि को कब्जा कर बेच रहा है। हैरानी की बात यह है कि कस्टोडियन विभाग अपनी जमीन की सुध लेने को तैयार नहीं है।
पाठशाला बनाने की योजना लटकी
शहर के वार्ड संख्या पांच, वार्ड छह, वार्ड सात और वार्ड सोलह की करीब एक दर्जन कॉलोनियों के सैकड़ों छात्र रोजाना हाईवे को क्रास करके प्राथमिक पाठशाला नंबर दो में जाते हैं। वार्ड सोलह के पार्षद कुलदीप राणा ने बताया कि स्कूल जाने वाले छात्र कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए मैंने कस्टोडियन की भूमि पर पाठशाला बनाये जाने की मांग की थी। एक वर्ष पहले डीसी करनाल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भूमि की निशानदेही करवा कर यहां स्कूल बनवाया जाएगा, लेकिन आज तक यह योजना अटकी हुई है। इस जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए मैंने कई बार तहसीलदार और नपा अध्यक्ष से मुलाकात भी की है।
बरसत रोड से लगती भूमि कस्टोडियन विभाग की है। नगरपालिका कई बार कस्टोडियन को भूमि पर हो रहे कब्जों के बारे में सूचित कर चुकी है। नगरपालिका यह जमीन पट्टे पर लेना चाहती है, लेकिन अवैध कब्जों के कारण यह मामला अटका हुआ है। -सुभाष गुप्ता, अध्यक्ष, नगरपालिका।
शहर के विकास के लिए कई प्रोजेक्ट तैयार है, लेकिन सरकारी जमीन की कमी के कारण अटके हुए हैं। कस्टोडियन की भूमि पर कब्जे किये जाने की शिकायत उन्हें मिली है। मैंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह इस जमीन की निशानदेही करवा कर अवैध कब्जों को हटवाए। -हरविन्द्र कल्याण, विधायक, घरौंडा।
कस्टोडियन विभाग की साढ़े पांच एकड़ भूमि है, जिस पर अवैध कब्जे किये जाने की शिकायत मिली है। जमीन की निशानदेही कार्रवाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद सरकारी भूमि कब्जा मुक्त करवाई जाएगी।
-आईएएस मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम घरौंडा।