अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांधी चौक स्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय में एक कर्मचारी द्वारा बीज विक्रेता का लाइसेंस बनाने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। हांलाकि, शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत विभाग को नहीं दी है, बल्कि एक वीडियो जारी कर आरोप लगाए हैं, इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अशोक कॉलोनी निवासी सार्थक ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह पहले आस्ट्रेलिया रहता था। अब वह शहर में बीज विक्रेता का काम करना चाहता है। इसके लिए उसने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से लाइसेंस लेना था। इस बारे में उसने वहां के कर्मचारी से पूरी जानकारी ले ली और दस्तावेज भी बनवा लिए। जब वह कार्यालय में दस्तावेज लेकर आया तो वहां एक कर्मचारी जो डीसी रेट पर लगा हुआ है। उसने एक हजार रुपये के साथ पांच हजार रुपये मांगे। उसने कहा कि लाइसेंस की फीस तो एक हजार रुपये है तो आप अलग से पांच हजार रुपये क्यों मांग रहे हो। इस बात में उस कर्मचारी ने कहा कि पांच हजार रुपये देगा तो आज ही लाइसेंस मिल जाएगा नहीं तो चक्कर काटने पड़ेंगे और ये रुपये अधिकारियों को देने होते हैं। शिकायतकर्ता ने लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं किया हुआ है उसका कहना है कि वह आवेदन करने आया था।
मैं पंचकूला गया हुआ था। मुझे एक वीडियो के माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। शाम को ऑफिस आकर मामले की जांच की तो पता चला कि शिकायतकर्ता ने लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं किया है। पांच रुपये मांगने की भी बात सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ता द्वारा ना ही कोई शिकायत दी गई है। जिस ऑडियो की बात शिकायतकर्ता ने वीडियो में बताई है वह रिकॉर्डिंग उनके पास नहीं आई है। उसी के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-आदित्य प्रताप डबास, डीडीए, करनाल।