यमुनानगर। महिला चिकित्सक को डिजिटल अरेस्ट कर 13 लाख 20 हजार रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक और खुलासा किया है। साइबर ठगी के रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था।
गैंग में एक व्यक्ति का यही काम दिया गया था। उसे ऐसा करने पर तीन से चार फीसदी का कमिशन मिलता था। साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है। अब तक इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि यमुनानगर में महिला चिकित्सक को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 13 लाख 20 हजार रुपये की ठगी की गई थी। जिसका मुकदमा साइबर क्राइम थाने में दर्ज किया गया था।
इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले पुलिस ने राजस्थान से तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
जबकि, एक को पांच दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया था। जिससे पूछताछ के बाद पुलिस ने झुनझुनवाला राजस्थान से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया था।
इन सभी पर साइबर ठगी की रकम को खाते किराए पर देने के आरोप थे। यही नहीं पूछताछ में एक अन्य आरोपी का नाम सामने आया था।
शुक्रवार को पुलिस ने लोकेश नाम के एक और आरोपी को काबू कर लिया है। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह वह किराए के खातों से पैसे निकालकर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलकर आगे भेज देता था। जहां से पैसा कंबोडिया में पहुंचता था। जहां से पूरा गैंग ऑपरेट हो रहा था। अब पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
इस संबंध में एसएचओ रविकांत ने बताया कि तीन आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। अब तक इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि, कई अन्य के नाम सामने आए हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहा हैं।