फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब कुरुक्षेत्र और पानीपत के गंभीर मरीजों को मेडिकल कालेज में किया जाएगा दाखिल

विज्ञापन
विज्ञापन
कोविड-19 के मरीजों के लिए 150 बेड से बढ़ाकर पूरे अस्पताल ब्लाक के 550 बेड को कोविड अस्पताल बनाने की तैयारियां फिलहाल ठंडी पड़ी हैं। एक सप्ताह पहले जिला प्रशासन ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है। वहीं सरकार की ओर से अब नया फरमान जारी कर दिया गया है कि कुुरुक्षेत्र और पानीपत के कोविड के गंभीर मरीजों को भी कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल कराया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद पानीपत और कुरुक्षेत्र से गंभीर मरीज आना भी शुरू हो गए हैं, लेकिन उनको यहां पर बेड नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में कालेज प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए हैं। आखिर जब करनाल के मरीजों के लिए ही बेड नहीं है तो फिर दूसरे जिलों के मरीजों को कहां पर दाखिल करेंगे?
विज्ञापन

मेडिकल कालेज के सभी 150 बेड फुल होने के बाद बढ़ते कोरोना के मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से फैसला लिया गया था कि अब पूरे मेडिकल कालेज के अस्पताल ब्लाक को कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। वहीं यहां पर दाखिल मरीजों को सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया जाएगा। हालांकि, इसके लिए केवल मौखिक बात कही गयी है, सप्ताह बाद तक सरकार की ओर से ऐसे कोई आदेश नहीं आए। ऐसे में बिना किसी पत्र के कालेज में न तो कोई नया बेड बढ़ पाया है और न ही कोई तैयारियां की गई हैं। गुरुवार को प्रदेश सरकार ने बिना बेड बढ़े ही नया फैसला लिया कि कल्पना चावला मेडिकल कालेज में अब कुरुक्षेत्र और पानीपत के कोविड के गंभीर मरीजों को भी दाखिल किया जाएगा। डायरेक्टर मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च की निदेशक अमनीत पी कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि यह फैसला स्वास्थ्य विभाग के एससीएस के साथ हुई बैठक में लिया गया है। याद हो कि इससे पहले कुरुक्षेत्र के मरीजों को शाहाबाद स्थित आदेश मेडिकल कालेज और पानीपत के मरीजों को खानपुर मेडिकल कालेज भेजा जाता था।
बेड खाली कराने को जबरदस्ती भेज रहे घर
मेडिकल कालेज में कोविड के मरीजों के लिए कुल 150 बेड हैं। इनमें से 80 से ज्यादा कोविड के मरीज दाखिल हैं, जबकि इतने ही कोविड के संदिग्ध मरीज हैं। ऐसे में लगातार करनाल में बढ़ रहे कोरोना के मरीजों की संख्या और दूसरे जिलों से भी मरीजों के आने से हालात खराब हो गए हैं। आलम ये है कि मरीजों को कई कई घंटे तक बेड नहीं मिल रहे हैं। अब कालेज प्रबंधन कोविड के मरीजों पर अपने घर पर ही शिफ्ट करने के लिए दबाव बना रहा है, ताकि नये मरीजों को दाखिल किया जा सके।
विज्ञापन

जीएच में तैयार नहीं हो पाया नया वार्ड
सबसे गंभीर बात ये है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी सामान्य अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए नया वार्ड तैयार नहीं हो पाया। जबकि इसके लिए डीसी ने खुद मुआयना किया था। अगर यहां पर नया वार्ड तैयार किया जाता है तो मेडिकल कालेज पर बोझ कम हो जाएगा और सभी मरीजों को बेड मिल सकेंगे।
निदेशक ने बुलाई बैठक
डीएमईआर का पत्र आने के बाद कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा ने स्टाफ सदस्यों की बैठक बुलाई और नये मरीजों के लिए जगह बनाने को लेकर मंथन किया। बैठक में एमएम डा. निवेश अग्रवाल कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. अभिनव डागर, आईसीयू इंचार्ज डा. आदित्य चौधरी, डा, लुकवेंद्र सिंह समेत डीएमएम डा. गौरव कांबोज मौजूद रहे। विचार किया गया कि अब शेष बेड को भी कोविड के लिए प्रयोग किया जाए, हालांकि, इसके लिए सरकार की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें