एक माह पहले लापता हुए ढाई साल के मासूम कृष्णा के माता-पिता अपनी चार बेटियों को प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले छोड़कर आत्महत्या करेंगे।
कृष्णा के पिता शिव कुमार और मां रेखा ने प्रशासन को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया गया है कि सोमवार को वे अपनी चारों बेटियों को प्रशासन के चार आलाधिकारियों के सुपुर्द कर देंगे और लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। एक हफ्ते में यदि उनके बेटे कृष्णा का कोई सुराग नहीं मिला तो वे धर्म परिवर्तन कर लेंगे। फिर भी अगर बच्चा नहीं मिला तो इसके बाद वे आत्महत्या कर लेंगे।
बता दें कि शिव कुमार और रेखा का ढाई साल का बेटा कृष्णा एक फरवरी से लापता है, लेकिन पुलिस अभी तक उसका सुराग नहीं लगा पाई है। कृष्णा अपने घर के बाहर खेल रहा था कि अचानक लापता हो गया। उनके एक बेटा और चार बेटियां हैं। बेटा एक महीने से लापता है।
‘बेटियों की हत्या का पाप नहीं ले सकते’
शिव कुमार और रेखा ने प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपनी चारों बेटियों को जहर देकर मार भी सकते थे, लेकिन वे मासूम बच्चियों की हत्या का पाप नहीं ले सकते। जब प्रशासन एक महीने से गायब उनके बेटे को ही ढूंढ नहीं पाया तो बेटियों की सुरक्षा कैसे हो सकती है।
‘गरीबी बनी अभिशाप’
फाइट फॉर जस्टिस क्लब ऑफ इंडिया के चेयरमैन एडवोकेट हरीश आर्य का कहना है कि गरीब का इस देश में जन्म लेना पाप बन चुका है। गरीब की जिंदगी हर कदम एक ऐसा संघर्ष बन चुकी है। इस मामले की जानकारी सदर थाना को एक फरवरी को ही दे दी गई थी, लेकिन थाना स्तर पर संजीदगी नहीं दिखाई गई और इसलिए कार्रवाई नहीं हुई। एडवोकेट हरीश आर्य ने कहा कि बच्चे की सूचना देने वाले को फाइट फॉर जस्टिस क्लब ऑफ इंडिया 25 हजार रुपये इनाम देगी।