करनाल। लोकसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी से गठबंधन के मुद्दे पर इनेलो ने
अपना निर्णय पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर छोड़ दिया है।
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला का कहना है कि प्रकाश सिंह बादल उनके परिवार के सबसे बड़े हैं और उनका फैसला उन्हें मान्य होगा। एक नवंबर की कुरुक्षेत्र रैली में भी उन्होंने यह घोषणा की थी कि प्रकाश सिंह बादल जो भी निर्णय लेंगे, इनेलो का हर कार्यकर्ता उसका सम्मान करेगा। चौटाला रविवार को करनाल में पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेदपाल के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
चौधरी वेदपाल राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर रविवार को इनेलो में शामिल हो गए। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनका गठबंधन कांग्रेस को हराने के लिए प्रदेश की जनता से है। वे स्वयं किसी पार्टी की तरफ गठबंधन के लिए हाथ नहीं बढ़ाएंगे।
जिस भी पार्टी को इनेलो से गठबंधन करना है, वे खुद उनसे संपर्क करे तो वे विचार करेंगे। चौटाला ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए।
लोकसभा चुनाव के साथ हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
चौटाला ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक के बाद एक घोषणाएं कर रहे हैं और आनन-फानन में हरियाणा लोक सेवा आयोग के दो नए सदस्यों को शपथ भी दिलवा दी, इससे विधानसभा चुनाव के लोकसभा चुनाव के साथ ही होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी योजनाओं के प्रचार पर जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई को लूटा रहे हैं। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के नाम पर किसानों की बेशकीमती जमीन को खरीदकर उन्हें उजाड़ दिया, लेकिन अभी तक यूनिवर्सिटी के नाम पर इसमें एक ईंट तक नहीं लगी।
बंसी लाल के नाम पर खेल यूनिवर्सिटी का विरोध
विधायक अभय चौटाला ने भिवानी में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बंसी लाल के नाम पर खेल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा का विरोध किया है। जिस नेता ने सत्ता संभालते ही प्रदेश के एकमात्र स्पोर्ट्स कालेज को बंद करवा दिया हो, उनके नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाना कतई जायज नहीं है।
तीसरा मोर्चा महज चुनावी सुर्खियां
तीसरे मोर्च के गठन के सवाल पर इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला और प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि जब भी चुनावी माहौल होता है तो तीसरे मोर्चे की खबरें भी आने लगती हैं। यह महज चुनावी सुर्खियां हैं। चलती रहती हैं।