माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रिश्वत मामले में नगर निगम के अधीक्षक अभियंता (एसई) दीपक किग्गर को पुलिस ने फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार एसई फरीदाबाद में अपने बहन के घर थे, जहां से उन्हें काबू किया गया। आरोपी एसई को करनाल लाकर सीआईए-2 की टीम पूछताछ कर रही है। वहीं, आरोपी की धरपकड़ के लिए एक टीम गुजरात भी गई हुई थी, लेकिन इससे पहले ही आरोपी फरीदाबाद पहुंच गया। एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि आरोपी एसई को शुक्रवार को अदालत में पेश करके रिमांड हासिल किया जाएगा।
मामले के अनुसार, करीब ढाई माह चली एडीसी की जांच के बाद एसई और उसके पीए विकास शर्मा पर भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस ने 14 मार्च को केस दर्ज किया था। उसी दिन पुलिस ने आरोपी विकास शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एसई फरार हो गए थे। एक दिन के रिमांड के बाद 17 मार्च को पीए को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद से आरोपी एसई की तलाश की जा रही थी। सीआईए-2 के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि आरोपी एसई को सुबह पांच बजे फरीदाबाद में बहन के घर से राउंड अप किया गया। इससे पहले आरोपी गुजरात के बड़ौदा में था, वहां पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही फ्लाइट से फरीदाबाद आ गया, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इससे पहले आरोपी एसई ने 21 मार्च को करनाल की अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी एसई को पकड़ने के प्रयास तेज हो गए थे।
रिश्वत मामले में 32 वीडियो की एडीसी ने ढाई माह तक की जांच
नगर निगम एसई ने दो लोगों पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। इस संदर्भ में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दी थी। पुलिस ने उन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी एसई के ही कार्यालय में कार्यरत था और उसने हिडेन कैमरे से करीब 32 वीडियो बनाई थी, जिसमें एसई दीपक किग्गर और उसका पीए विकास रुपयों का लेन-देन करते नजर आ रहे हैं। मामले में एसई दीपक किग्गर को उस दौरान सस्पेंड कर दिया गया था और 29 दिसंबर 2021 को निवर्तमान डीसी निशांत कुमार ने इस मामले की जांच एडीसी योगेश कुमार को सौंपी थी। करीब ढाई महीने जांच के बाद एडीसी योगेश की जांच रिपोर्ट पर नगर निगम एसई दीपक किग्गर और पीए विकास शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच डीएसपी मुख्यालय मुकेश कुमार कर रहे हैं।