करनाल। करीब 25 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जमा कूड़े के ढेरों के बीच शनिवार को नगर निगम को कचरा उठाने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ा। पुलिसकर्मियों की फोर्स की मौजूदगी में निगम की टीम ने शहर के कई हिस्सों से कूड़ा उठवाया।
प्रेम नगर सरकारी स्कूल की गली में हालात इतने खराब हो गए थे कि बच्चों का स्कूल जाना तक प्रभावित हो गया। रामनगर कैथल पुल के नीचे भी कूड़े के ढेर हटाए गए। निगम का दावा है कि हड़ताल के दौरान अब तक 1200 टन से ज्यादा कूड़ा उठाया जा चुका है लेकिन शहर की गलियों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि उपायुक्त और नगर निगम आयुक्त के आवास के बाहर सफाई नजर आई, जबकि मंडल आयुक्त के निवास के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहे। मेयर के निवास के बाहर गली में भी कचरा जमा होने से शहर की सफाई व्यवस्था की तस्वीर साफ नजर आई।
70 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उठवाया कूड़ा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच निगम की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कूड़ा उठाने का अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को निगम की टीम जब अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा उठाने पहुंची तो उसके साथ 70 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की फोर्स मौजूद रही। पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठवाने की कार्रवाई की गई। कूड़ा उठान को लेकर निगम और हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के बीच पहले भी टकराव की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में निगम प्रशासन अब पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठाने में जुटा है।
प्रेम नगर में कूड़े से रास्ता बंद
शहर की सफाई व्यवस्था का सबसे चिंताजनक उदाहरण प्रेम नगर स्थित सरकारी स्कूल की गली में देखने को मिला। गली में कूड़े के ढेर जमा होने से बच्चों और आसपास के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि बच्चों का स्कूल जाना तक प्रभावित हुआ। निगम की टीम ने यहां से कूड़ा उठवाया। इसके अलावा रामनगर में कैथल पुल के नीचे लंबे समय से जमा कचरे को भी हटाया गया। निगम की टीम ने अन्य स्थानों पर भी कूड़ा उठाने का अभियान चलाया। नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि शहर से कूड़ा उठान कराया जा रहा है। इसके लिए पुलिस और अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
अफसरों के घर के बाहर अलग-अलग तस्वीर
शहर में कूड़े के ढेरों के बीच अधिकारियों के आवासों के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपायुक्त और नगर निगम आयुक्त के आवास के बाहर सफाई दिखाई दी, जबकि मंडल आयुक्त के निवास के बाहर कूड़े के ढेर लगे मिले। वहीं मेयर के निवास के बाहर वाली गली में भी कचरा जमा था। एक तरफ शहर की आम गलियां कूड़े के ढेरों से जूझ रही हैं और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों के बाहर सफाई को लेकर अलग तस्वीर दिखाई देने से लोगों में चर्चा है कि सफाई व्यवस्था आखिर किन इलाकों को प्राथमिकता देकर संचालित की जा रही है।